Pune Traffic Decongestion: पुणे जिले की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़े और निर्णायक कदम उठाए हैं। बहुप्रतीक्षित पुणे रिंग रोड, हडपसर-यवत एलिवेटेड कॉरिडोर और चाकण-तलेगांव वैकल्पिक मार्ग जैसी परियोजनाओं को अब तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
इन योजनाओं के पूर्ण होने से शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को काफी हद तक कम करने की उम्मीद है। इन बड़ी परियोजनाओं के जरिए जिले का नक्शा बदलने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
रिंग रोड परियोजना को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कर दी है, जिसके तहत पश्चिमी हिस्से का काम वर्ष 2026 तक और पूर्वी हिस्से का निर्माण वर्ष 2028 तक पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
होना है एलिवेटेड रोड का निर्माण
बता दें कि रिंग रोड पूर्व के कुल बारह पैकेजों में से नौ पर निर्माण कार्य पहले से ही युद्धस्तर पर चल रहा है, जबकि शेष तीन पैकेजों को प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद उनकी टेंडर प्रक्रिया मई से पहले संपन्न कर ली जाएगी।
उम्मीद जताई जा रही है कि अक्टूबर के बाद से इन हिस्सों पर भी प्रत्यक्ष रूप से काम शुरू हो जाएगा, शहर के पूर्वी प्रवेश द्वार यानी हडपसर में यातायात समस्या को दूर करने के लिए हडपसर से यवत के बीच एक विशाल उन्नत मार्ग (एलिवेटेड रोड) बनेगा, जो भैरोबा नाला से शुरू होगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह एक ‘डबल डेकर’ संरचना होगी, जिसमें नीचे एलिवेटेड रोड होगा और उसके ठीक ऊपर मेट्रो का मार्ग तैयार किया जाएगा।
‘महामेट्रो’ को सौंपा गया जिम्मा
इस जटिल निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ‘महामेट्रो को सौंपी गई है। लेकिन इस आधुनिक बुनियादी ढांचे को जगह देने के लिए हडपसर के गाडीतल और नोबेल अस्पताल के पास स्थित पुराने फ्लाईओवरों को हटाना अनिवार्य हो गया है।
तकनीकी अधिकारियों का तर्क है कि नए उन्नत मार्ग के रैंप को सही स्थानों पर उतारने के लिए इन पुराने पुलों का वहां होना बाधा उत्पन्न कर रहा है।
प्रशासन का मानना है कि जिस प्रकार पुणे विश्वविद्यालय के सामने बने पुराने पुल को हटाकर यातायात सुगम बनाया गया, उसी तर्ज पर यहाँ भी सुधार की आवश्यकता है।
उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी
हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में इन पुराने फ्लाईओवरों को गिराने की व्यवहार्यता और उससे होने वाले संभावित ट्रैफिक व्यवधान की चर्चा की गई। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि इन व्यस्त इलाकों में पुलों को गिराने के दौरान यातायात का प्रबंचन कैसे किया जाए।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे काम शुरू करने से पहले वैकल्पिक मार्ग और यातायात डाइवर्जन की सटीक योजना तैयार करें ताकि नागरिकों की कम से कम असुविधा हो।
इस परियोजना के संपन्न होने के बाद पुणे के पूर्वी हिस्से और सोलापुर रोड की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। जिससे यात्रा के समय में भारी बचत होगी।
नया वैकल्पिक मार्ग बनकर तैयार, चाकण और तलेगांव के जाम से बचाएगा
पुणे-मुंबई-नाशिक के यात्रियों के लिए भी राहत की खबर है। चाकण और तलेगांव में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण लगने वाले भीषण जाम से निपटने के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग बनकर लगभग तैयार है।
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एमआईडीसी द्वारा नियोजित यह नया बाईपास मार्ग पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग से शुरू होकर देहू रोड के माध्यम से तलेगांव एमआईडीसी के बाहरी हिस्से यानी नवलाख उंबरे गांव तक जाएगा, यह नया रास्ता न केवल यात्रियों को चाकण और तलेगांव के मुख्य चौराहों के जाम से बचाएगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को भी व्यवस्थित करेगा।

