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Vitamin D: विटामिन डी की कमी से क्या होगा? तुरंत पढ़िए, खतरों को जानिए और इलाज शुरू कर दें बिना देर किए

Vitamin D: विटामिन डी की कमी से क्या होगा? तुरंत पढ़िए, खतरों को जानिए और इलाज शुरू कर दें बिना देर किए

नवभारत 4 months ago

Vitamin D Deficiency Symptoms:विटामिन D हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्वों से एक है जो हड्डियों को मजबूत बनाने, इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने में मुख्य भूमिका निभाता है।

इसे ‘सनशाइन विटामिन’ भी कहा जाता हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसकी कमी होने पर शरीर में कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं, जिनमें हड्डियों में दर्द, कमजोरी, थकान, बार-बार बीमार पड़ना और मूड से जुड़ी परेशानियां शामिल हैं।

विटामिन डी की कमी सप्लीमेंट्स खाना

हालांकि, कई लोग विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए सीधे सप्लीमेंट्स खाना पसंद करते है। जबकि कुछ प्राकृतिक तरीकों की मदद से भी इसके स्तर को बढ़ाया जा सकता है।

विटामिन डी की कमी से होने वाली गंभीर समस्या

  • जोड़ों में दर्द की समस्या

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, विटामिन डी की कमी से शरीर कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए अपनी डाइट में विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

  • इम्यूनिटी का कमजोर होना

विटामिन डी की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। इसके अलावा, संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता हैं।

  • थकान और कमजोरी महसूस होना

पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान महसूस हो रही है तो यह विटामिन डी की कमी हो सकती हैं।

  • मांसपेशियों में कमजोरी होना

विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती हैं। बार-बार थकान महसूस होना, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी या मांसपेशियों में कमजोरी विटामिन डी की कमी के संकेत हो सकते हैं

  • स्वभाव में चिड़चिड़ापन होना

विटामिन डी की कमी से स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी आने लगता हैं। विटामिन डी का संबंध मानसिक स्वास्थ्य से भी है। इसकी कमी से मूड स्विंग्स, तनाव और उदासी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बिना सप्लीमेंट्स खाए कैसे बढ़ाएं विटामिन डी ?

सुबह 8 से 11 बजे के बीच 15-30 मिनट तक धूप में बैठना या टहलना शरीर में विटामिन डी के प्राकृतिक निर्माण में मदद करता है।

अगर आप नॉन वेज खाते हैं तो अपनी डाइट में सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियां शामिल करें, ये विटामिन डी के अच्छे स्रोत मानी जाती हैं।

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अंडे की जर्दी में भी थोड़ी मात्रा में विटामिन D पाया जाता है, जिसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। एक्टिव लाइफस्टाइल हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है और शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।

यदि आपको लंबे समय से हड्डियों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, बार-बार संक्रमण या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन डी की जांच करवाना बेहतर होता है।

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