TRAI की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के बीच ग्राहकों को 140 सीरीज से 13.16 अरब प्रमोशनल कॉल्स और 248.06 अरब कमर्शियल SMS भेजे गए। लेकिन DND सर्विस के कारण 1.48 अरब कॉल्स और 7.30 अरब SMS को ब्लॉक कर दिया गया।
इसके अलावा, AI स्पैम डिटेक्शन सिस्टम ने 24.43 अरब संदिग्ध कॉल्स और SMS की पहचान की, जबकि नियमों के उल्लंघन पर 1.83 लाख टेलीकॉम रिसोर्स पर कार्रवाई करते हुए 263 सेंडर्स को ब्लैकलिस्ट किया गया।
TRAI के कड़े नियमों के कारण अब स्पैम कॉल्स पर बड़ी संख्या में लगाम लग रही है और ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही करोड़ों कॉल्स ब्लॉक किए जा रहे हैं। दरअसल, TRAI की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के बीच कंपनियों ने प्रमोशन के लिए बने 140 से शुरू होने वाले नंबरों से लगभग 1,316 करोड़ यानी 13.16 अरब कॉल्स किए। लेकिन इनमें से 148 करोड़ यानी 1.48 अरब कॉल्स को ब्लॉक कर दिया गया, क्योंकि ग्राहकों के नंबर पर पहले से ही डू-नॉट-डिस्टर्ब (DND) सर्विस इनेबल थी। ट्राई द्वारा यह एक्शन इसलिए लिया गया ताकि इस सीरीज से आने वाले स्पैम कॉल को ग्राहकों तक पहुंचने से रोका जा सके।
सिर्फ कॉल ही नहीं बल्कि कंपनियों अपने प्रमोशन के लिए SMS भी करे। साल 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में कंपनियों और टेलीमार्केटर्स ने प्रचार करने के लिए ग्राहकों को लगभग 248 अरब (24,806 करोड़) SMS भेजे। इनमें से लगभग 7.30 अरब (730 करोड़) SMS को ब्लॉक कर दिया गया, क्योंकि ग्राहकों ने अपने फोन पर 'डू-नॉट-डिस्टर्ब' (DND) सर्विस ऑन कर रखी थी। यानी DND चालू होने की वजह से ये मैसेज लोगों के फोन तक नहीं पहुंच सके।DND की वजह से 1.48 अरब कॉल ब्लॉक

- टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की रिपोर्ट में कहा गया है कि रजिस्टर्ड DND प्रेफरेंस की वजह से लगभग 1.48 अरब प्रमोशनल कॉल और 7.30 अरब प्रमोशनल SMS को ब्लॉक किया जा सका, जिससे साफ पता चलता है कि ग्राहकों की पसंद का ध्यान रखा जा रहा है।
- लगभग 13.16 अरब प्रमोशनल कॉल और 248.06 अरब कमर्शियल SMS रजिस्टर्ड कम्युनिकेशन चैनलों के जरिए भेजे गए थे।
- TRAI के अनुसार, AI बेस्ड स्पैम डिटेक्शन सिस्टम ने 24.43 अरब संदिग्ध स्पैम कॉल और SMS की पहचान की और ग्राहकों को यह चुनने का मौका दिया कि वे ऐसे मैसेज या कॉल को नजरअंदाज करें या सावधानी के साथ उनका जवाब दें। (REF.)
1600 सीरीज नंबरों से आए 1.15 अरब कॉल

- इतना ही नहीं, TRAI की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के दौरान 1600 खास सीरीज नंबरों से 1.15 अरब कॉल किए गए।
- बता दें कि TRAI ने प्रमोशनल कॉल के लिए खास तौर पर 140 सीरीज शुरू की, ताकि ये कॉल एक तय नंबर सीरीज से आएं और ग्राहक आसानी से इनकी पहचान कर सकें और इन्हें मैनेज कर सकें।
- TRAI का कहना है कि कि इस खास सीरीज की वजह से ग्राहक कॉल को स्वीकार करने या ना करने का फैसला ले सकते हैं।
- इसके अलावा, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनियों की सर्विस और ट्रांजैक्शनल कॉल के साथ-साथ सरकार और नागरिकों के बीच बातचीत के लिए 1600 सीरीज शुरू की गई थी।
263 सेंडर को किया ब्लैकलिस्ट

- कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में 1,83,000 टेलीकॉम रिसोर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई और 263 सेंडर को ब्लैकलिस्ट किया गया।
- TRAI ने कहा कि बार-बार नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की गई। जैसे आउटगोइंग कॉल रोकना, लंबे समय के लिए कनेक्शन काटना, सभी ऑपरेटरों के नेटवर्क पर सेंडर को ब्लैकलिस्ट करना और SMS हेडर को ब्लॉक करना।
- TRAI के अनुसार, इस साल अप्रैल और जून के बीच देश के टेलीकॉम नेटवर्क से कुल 730.82 अरब कॉल किए गए, जिनमें UCC (अनचाहे कमर्शियल कम्युनिकेशन) की कुल शिकायतें 10.85 लाख रहीं।
कड़े नियमों का दिख रहा असर

TRAI के इन कड़े कदमों और AI-बेस्ड स्पैम डिटेक्शन सिस्टम से यह साफ है कि आने वाले समय में अनचाही कॉल्स और मैसेज पर शिकंजा और कसने वाला है। हालांकि 730 अरब से अधिक कॉल्स के बीच 10.85 लाख शिकायतें यह दिखाता है कि स्पैम फ्री नेटवर्क बनाने की राह में चुनौतियां अभी भी हैं, लेकिन ब्लॉक किए जा रहे अरबों मैसेज और सस्पेंड किए जा रहे कनेक्शन्स यह साबित करते हैं कि DND सेवाओं और सख्त नियमों का असर अब दिखने लगा है।

