नई दिल्ली: BCCI ने असम के पूर्व क्रिकेटर शुभदीप घोष को भारतीय मेंस क्रिकेट टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। वे टी. दिलीप की जगह लेंगे और 15 अगस्त से शुरू हो रही श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ से जुड़ेंगे।
बीसीसीआई ने यह कदम हाल ही में इंग्लैंड और आयरलैंड दौरों पर भारतीय टीम के लचर फील्डिंग प्रदर्शन, छूटे कैचों और कैचिंग में हुई गलतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया है। हालांकि टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म हो गया था।
कौन हैं शुभदीप घोष 'जॉय'?
1968 में असम के डिगबोई में जन्मे शुभदीप घोष को क्रिकेट गलियारों में जॉय के नाम से भी जाना जाता है। वे दाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज और ऑफ स्पिनर रहे हैं। शुभदीप ने 1994-95 सीजन में डेब्यू किया और असम तथा रेलवे की ओर से घरेलू क्रिकेट खेला। उन्होंने अपने करियर में 17 फर्स्ट-क्लास में 316 रन और 17 लिस्ट-ए मैचों 307 रन बनाए हैं। 2005 में उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।करियर में लिए सिर्फ 16 कैच
आपको ये जानकर जरूर हैरानी होगी कि शुभदीप घोष ने अपने लिस्ट-ए और फर्स्ट-क्लास करियर को मिलकर कुल 16 कैच लपके हैं। ऐसे में फैंस ये सोचने पर जरूर मजबूर होंगे कि भला 16 कैच लेने वाले को फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी कैसे मिल गई। ऐसे में आइए आपको कोच के रूप में उनके अनुभव के बारे में भी बताते हैं।कोचिंग का लंबा अनुभव और NCA से जुड़ाव
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद शुभदीप कोचिंग के क्षेत्र में आ गए और पिछले 6-7 सालों से नेशनल क्रिकेट अकादमी के साथ जुड़े हुए हैं, जहां उन्होंने पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के साथ भी काम किया है। वे भारत की अंडर-19 टीम, इंडिया ए और 2021 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच रह चुके हैं। IPL में भी उनके पास कोचिंग का बड़ा अनुभव है। 2014 में जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल का खिताब जीता था, तब वे KKR के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा थे। इसके बाद वे दिल्ली कैपिटल्स के फील्डिंग कोच भी रह चुके हैं। ऐसे में उनका अनुभव काफी अच्छा रहा है।
