भोपाल: पिछले कुछ दिनों से गरमाया किसानों का आंदोलन आखिरकार बुधवार देर रात सरकार के साथ बनी सहमति के बाद समाप्त हो गया। गैर-राजनीतिक किसान संगठनों के बैनर तले हजारों की संख्या में किसान बैरिकेड्स तोड़कर भोपाल में दाखिल हुए थे, जिसके बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए बड़ा फैसला किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा बनाई गई मंत्रियों की हाईलेवल कमेटी और किसान नेताओं के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद सरकार ने किसानों की मुख्य मांगें मान ली हैं।
क्या थी किसानों की मांगें?
जाम और आम जनजीवन पर असर के बाद हुआ फैसला
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि कुछ किसान 80 फीसदी खरीदी की मांग कर रहे थे और 60 फीसदी के फैसले पर उनकी कुछ आपत्तियां भी थीं, लेकिन सरकार के आश्वासनों के बाद फिलहाल आंदोलन को वापस ले लिया गया है।
- मंत्रियों की कमेटी और किसान नेताओं के बीच बुधवार को हुई अहम बैठक
- सरकार ने समर मूंग की खरीदी 25% से बढ़ाकर 60% की
- ई-उपांजन पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग की डेडलाइन 10 अगस्त तक बढ़ाई गई
- मूंग खरीदी की अंतिम तिथि अब 20 अगस्त 2026 तक तय की गई
- खाद वितरण का विवादित ई-टोकन सिस्टम किया गया सस्पेंड
- बुधवार को होशंगाबाद रोड पर जाम और यातायात रहा पूरी तरह प्रभावित
- भारतीय किसान यूनियन सहित कई गैर-राजनीतिक संगठनों ने की अगवानी
- सरकार के आश्वासनों के बाद बुधवार देर रात आंदोलन समाप्त हुआ

