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आत्मानंद स्कूल में छात्रों को देनी होगी फीस, अभी पूरी तरफ से फ्री है पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार होंगे छात्र

आत्मानंद स्कूल में छात्रों को देनी होगी फीस, अभी पूरी तरफ से फ्री है पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार होंगे छात्र

रायपुर: छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को अब फीस देनी पड़ेगी। अभी तक इस स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह से फ्री थी। गुरुवार को शिक्षा मंत्री और प्राचार्यों के बीच हुई बैठक में फीस का प्रस्ताव लाया गया है।

सूत्रों की अनुसार, फीस लेने की तैयारी पर भी चर्चा हुई है। हालांकि सालाना फीस 1500 रुपये तक देनी होगी।

जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में शासकीय स्कूलों की तर्ज पर फीस लेने की तैयारी कर ली है। 9वीं से 12वीं तक के छात्रों से सालाना करीब 1500 रुपये तक फीस ली जाएगी। 450 रुपये स्कूल फीस और बाकी पैसा शाला विकास समिति के रूप में लिया जाएगा।

2020 में हुई थी आत्मानंद स्कूलों की शुरुआत

छत्तीसगढ़ में आत्मानंद स्कूलों की शुरुआत साल 2020 से हुई थी। राज्य में अभी आत्मानंद स्कूलों की संख्या करीब 751 है। दरअसल, गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेशभर के प्राचार्यों की बैठक लेकर स्कूलों की समीक्षा की थी। इस दौरान शासन की ओर से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल के प्राचार्यों को छात्रों से फीस लेने संबंधी व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई थी।


  • आत्मानंद स्कूल में बढ़ने वाले बच्चों को देने पड़ेगी फीस
  • प्राचार्य और शिक्षा मंत्री के साथ बैठक के बाद फैसला
  • छात्रों को हर साल देने पड़ सकते हैं 1500 रुपये
  • शिक्षा मंत्री ने कहा स्कूल की छवि से नहीं होगा समझौता

स्कूल की इमेज बनाए रखना जरूरी

बैठक में शिक्षा मंत्री ने प्राचार्यों से कहा कि राज्य में आत्मानंद स्कूलों की जो पॉजिटिव इमेज बनी है उसे बनाए रखना अनिवार्य है। स्कूल की छवि के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

स्कूल का अनुदान भी बढ़ाया गया

बैठक में स्कूल के अनुदान को बढ़ाने के बारे में भी जानकारी दी गई है। सरकार ने स्कूलों को मिलने वाले अनुदान को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का फैसला किया है। पहले इस राशि में कटौती गई गई थी।

छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार करें

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन बच्चों को अभी से प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार किया जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अभी से गाइड किया जाए। इसके साथ ही स्कूल परिसर में मोबाइल के उपयोग पर कमी लाने की बात कही गई है।

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