नई दिल्ली: भारतीय सेना (Indian Army) ने पोखरण फायरिंग रेंज में 'ब्रह्मास्त्र' नामक लाइव फायरिंग अभ्यास किया। इस दौरान सेना ने अपने नवीनतम अटैक हेलिकॉप्टर बोइंग AH-64 अपाचे की युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया।
सेना के इस प्रदर्शन से उच्च-सटीकता और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध-प्रणाली पर बढ़ते जोर के बारे में पता चला है।
अपाचे हेलिकॉप्टरों ने AGM-114 हेलफायर मिसाइलों, रॉकेटों और ऑनबोर्ड गन सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए सटीक हमले किए और एक नकली युद्ध-क्षेत्र के माहौल में निर्धारित लक्ष्यों को पूरी सटीकता के साथ भेदा। इस अभ्यास का मकसद पायलटों और ग्राउंड क्रू के बीच ऑपरेशनल तैयारी और तालमेल, दोनों को परखना था।
बोइंग AH-64 अपाचे की खासियत
- बोइंग AH-64 अपाचे दुनिया के सबसे आधुनिक मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलिकॉप्टरों में से एक है।
- यह 30 mm चेन गन से लैस है, हेलफायर एंटी-टैंक मिसाइलें और हाइड्रा रॉकेट ले जा सकता है।
- इसमें लॉन्गबो रडार और नाइट-विजन सेंसर जैसे आधुनिक टारगेटिंग सिस्टम लगे हैं।
- भारतीय सेना के इन सबसे नए अटैक हेलिकॉप्टरों में हर तरह के मौसम और रात में भी ऑपरेशन करने की क्षमता है।
असली युद्ध की स्थितियों के लिए होते हैं तैयार
जमीनी सेना के कमांडर को सपोर्ट देते हैं हेलिकॉप्टर
कर्नल विक्रांत शर्मा ने कहा कि ये हेलिकॉप्टर आधुनिक युद्ध में जमीनी सेना को तत्काल फायर सपोर्ट देने में अटैक हेलिकॉप्टर अहम भूमिका निभाते हैं, और इनका ऑपरेशनल कंट्रोल पूरी तरह से जमीनी कमांडरों के पास ही रहता है। आज के नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध में अटैक हेलिकॉप्टर जमीनी सेना के कमांडर को तत्काल फायर सपोर्ट देते हैं और इनका मालिकाना हक और कंट्रोल पूरी तरह से जमीनी सेना के पास ही होता है।
