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दीवारों की सीलन छीन सकती है आपका सुख और चैन! वास्तु एक्सपर्ट से जानें असर और उपाय

दीवारों की सीलन छीन सकती है आपका सुख और चैन! वास्तु एक्सपर्ट से जानें असर और उपाय

Seelan Vastu Dosh Upay: घरों में दीवारों पर सीलन का दिखना आम बात है। अकसर लोग इसे छोटी समस्या समझ कर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे वास्तु दोष का गंभीर कारण माना जाता है।

वास्तु एक्सपर्ट कहते हैं कि यह समस्या आपके घर की दीवारों को कमजोर करने के साथ-साथ आपके परिवार के सुख-चैन भी छीन सकती है। घर में सीलन और नमी नकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा कारण होती है। इसके कारण परिवार के सदस्यों को मानसिक, शारीरिक समस्याओं के साथ व्यवसाय और करियर में भी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। चलिए वास्तु एक्सपर्ट मान्या से जानते है कि सीलन और नमी के कारण उत्पन्न वास्तु दोष को घर से कैसे दूर करें।

सीलन का स्वास्थ्य पर असर
वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, सीलन और नमी की वजह से दीवारों पर जमी फंगस घर की हवा को जहरीली बना देती है, जिसका सीधा असर आपके शरीर पर पड़ता है। इसके कारण फेफड़ों में संक्रमण, सांस लेने में परेशानी, अस्थमा समेत कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही घर में लगातार सीलन रहने से चिड़चिड़ापन और तनाव भी बढ़ता है। ऐसे में आप हर वक्त थके हुए महसूस करते हैं और बेचैन रहते हैं।

अलग-अलग दिशाओं में सीलन का प्रभाव
वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि जिस दिशा की दीवार पर सीलन आती है, उस दिशा से जुड़ी चीजें प्रभावित होने लगती हैं। सीलन का घर के सदस्यों के स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है।

उत्तर दिशा: अगर उत्तर दिशा की दीवार पर सीलन है तो व्यापार में नए अवसर आना बंद हो जाते हैं और बनी-बनाई हुई डील भी हाथ से निकल जाती है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को वित्तीय स्थिरता, आय और विकास का प्रमुख स्थान माना जाता है। अगर इस दिशा में सीलन है, तो पैसा पानी की तरह बहने लगता है। इसके साथ ही, परिवारिक रिश्तों में दरार आने लगती है और पति-पत्नी के बीच झगड़े बढ़ते हैं।

दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम: घर की इस दिशा को डिस्पोजल की दिशा माना जाता है। इस दिशा में नमी या रिसाव होने से घर के सदस्यों की ऊर्जा खत्म होने लगती है। अनावश्यक खर्चे बढ़ते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है।

पूर्व दिशा: वास्तु गुरु मान्य के अनुसार, घर की पूर्व दिशा की दीवार में नमी होने से समाज में नाम और प्रसिद्धि पर असर पड़ता है। लोगों के साथ आपके रिश्ते खराब होने लगते हैं और पिता-पुत्र के रिश्ते में भी तनाव आता है।

पश्चिम दिशा: घर की पश्चिम में मौजूद सीलन आपका लाभ को रोकने का काम करती है। आप जितनी भी मेहनत कर लें, आपको सही नतीजा नहीं मिलता।

सीलन की वजह से घर से वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय
वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, दीवारों पर सीलन की मौजूदगी घर में धन के प्रवाह को रोकने का काम करती है। ऐसे में कुछ आसान वास्तु उपायों की मदद से आप सीलन और नमी के कारण उत्पन्न वास्तु दोष को दूर कर सकते हैं।

कपूर का उपाय: घर के जिस कोने में सीलन हो सबसे पहले वहां की सफाई करें और वहां एक कटोरी में कपूर रख दें। ये नकारात्मक ऊर्जा और बदबू दोनों को खत्म करती है।

सेंधा नमक का पोछा: हफ्ते में दो या तीन बार पानी में थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर पोंछा लगाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा द्वार होती है। गुरुवार के दिन पोछा लगाने से बचें।

घर में सूरज की रोशनी: कोशिश करें की सीलन वाले कमरे में सूरज की रोशनी जरूर पड़े। सूर्य की किरणें वास्तु दोष को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने का काम करती हैं।

घर में टपकता हुआ नल: अगर दीवार के अंदर कोई पाइप लीक हो रही है तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। वास्तु में बहता हुआ पानी या टपकता हुआ नल आर्थिक नुकसान का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

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