पटना:मेरे हीरो को जीरो बना दिया, मेरा हीरो अब नहीं रहा। डिहरी-डालमियानगर के कार्यपालक अधिकारी (ईओ) विमल कुमार पत्नी बबीता देवी की दहाड़ कलेजा चीर देने वाला था। परिजनों में आक्रोश और चीत्कार दोनों देखने को मिली।
बिहार सरकार के विरोध में नारे लगाए गए। पटना के दीघा घाट पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने श्रद्धांजलि दी। विमल के भाई विजय कुमार ने उन्हें मुखाग्नि दी।
गोला रोड टी पॉइंट स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट में जब विमल कुमार का शव लाया गया तो चीख-पुकार मच गई। पत्नी बबीता देवी शव से लिपट गईं। रोते-रोते बार-बार कह रही थीं, मेरे हीरो को जीरो बना दिया, मेरा हीरो अब नहीं रहा। ईओ विमल के दोनों बच्चे वैष्णवी (7 साल) और विवान (5 साल) बिलख जा रहे थे। बस पापा-पापा की रट लगा रहे थे।
बबीता ने रोते हुए बताया कि शनिवार रात उन्होंने घर आकर साथ में खाना खाने की बात कही थी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि ये उनकी आखिरी बातचीत होगी।
गृह प्रवेश की थी तैयारी, अब पसरा मातम
ईओ विमल कुमार की हत्या की खबर से उनका पैतृक शहर शेरघाटी भी गहरे सदमे में है। जिस घर को वो अपने सपनों के मुताबिक नया रूप दे रहे थे, वहां अब मातम पसरा हुआ है। पिछले शुक्रवार को विमल कुमार शेरघाटी पहुंचे थे। गोला बाजार रोड स्थित पुश्तैनी मकान के बंटवारे के बाद अपने हिस्से के पुराने घर का निर्माण कार्य देखने आए थे।पत्नी ने डेहरी के विधायक पर लगाया आरोप
ईओ विमल कुमार की पत्नी बबीता ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह पर हत्या का आरोप लगाया। बबीता ने कहा कि विधायक रोज फोन करके पति को परेशान करते थे। उनसे 50 लाख रुपये मांग रहे थे। हालांकि, विधायक ने आरोपों से इनकार किया।बबीता ने कहा कि पति ने साफ कह दिया था कि हम दो नंबर नहीं करते तो इतना रुपए कहां से दें। 29 जुलाई को पति विधायक से जाकर मिले भी थे। लेकिन उनकी हत्या करा दी। आजकल यह ट्रेंड बन गया है। मंत्री-विधायक सेफ रहता है, जो होता है अधिकारी के माथे मढ़ दिया जाता है। वहीं, विधायक ने कहा कि कुछ विरोधी साजिश के तहत उनका नाम घसीट रहे हैं। लेकिन ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी। वह जनहित के कार्यों को जारी रखेंगे।
ईओ की हत्या की सीबीआई जांच हो: तेजस्वी
राजद ने डेहरी ईओ हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार शाम दिवंगत ईओ की पत्नी से बात की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिजन सीधा आरोप लगा रहे हैं कि 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी जा रही थी। नहीं देने पर हत्या कर दी गई है। परिजनों ने लोजपाआर विधायक का नाम लिया है।उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की जा रही है। साथ ही कहा कि विधायक के खिलाफ नामजद एफआईआर नहीं होने पर राजद बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजन के बयान के उलट आईजी घटनास्थल पर पहुंचकर दूसरा निर्णय सुना दे रहे हैं।
ऐसे में पूरी घटना की सीबीआई जांच कराई जाए। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के सौ दिन में ही दो ईओ की हत्या हो गई। क्या सरकार इस मामले में भी एनकाउंटर कराएगी। कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई।
ईओ मर्डर केस में पुलिस ने क्या बताया?
मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने रविवार को पत्रकारों से कहा, 'कार्यपालक अधिकारी कार से पटना जा रहे थे, तभी पुलिस को चालक से सूचना मिली कि अज्ञात अपराधियों ने अधिकारी की पिटाई की है। अस्पताल ले जाते समय अधिकारी की मौत हो गई। हालांकि, पूछताछ के दौरान चालक बार बार बयान बदलता रहा, जिससे उस पर संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसने लोहे की रॉड से हमला कर अधिकारी की हत्या की।'वैभव के मुताबिक, चालक ने जांचकर्ताओं को बताया कि अधिक काम के दबाव के कारण वह लंबे समय से तनाव में था और अधिकारी के साथ उसकी अक्सर कहासुनी होती रहती थी। उन्होंने बताया कि चालक ने यह खुलासा भी किया कि पटना के लिए रवाना होने से पहले उसी दिन दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी।
विकास वैभव ने बताया कि विवाद उस समय बढ़ गया जब चालक वाहन रोककर कथित तौर पर शौच करना चाहता था लेकिन उसे तुरंत गाड़ी रोकने से मना किया गया। उन्होंने बताया कि कहासुनी के बाद अधिकारी के वाहन से बाहर निकलने पर चालक ने अंदर रखी लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया।

