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गर्मी में छत पर सफेद चूना क्यों लगाएं? सिविल इंजीनियर ने बताया, 5 डिग्री कम होगा तापमान, AC की नहीं पड़ेगी जरूरत

गर्मी में छत पर सफेद चूना क्यों लगाएं? सिविल इंजीनियर ने बताया, 5 डिग्री कम होगा तापमान, AC की नहीं पड़ेगी जरूरत

भीषण गर्मी में कंक्रीट की छत तपने से पूरा कमरा गर्म होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बेहद पुरानी और सस्ती तकनीक की मदद से आप अपने घर का तापमान 5 डिग्री तक कम कर सकते हैं। इसके लिए सिविल इंजीनियर ने छत पर सफेद चूना लगाने का सही तरीका बताया है।

भीषण गर्मी में छत तपने लगती है, तो घर के अंदर रहना दूभर हो जाता है। अक्सर लोग घर को ठंडा रखने के लिए महंगे एयर कंडीशनर पर निर्भर रहते हैं, लेकिन सिविल इंजीनियर विशाल गोयल ने देसी और सस्ता जुगाड़ बताया है जो आपकी जेब और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है। सफेद चूने और फेविकोल के इस्तेमाल से अपनी छत को हीट रिफ्लेक्टर में बदल सकते हैं।

यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है कि सफेद रंग सूरज की किरणों को सोखने के बजाय वापस लौटा देता है, जिससे घर का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। अगर आप भी भारी-भरकम बिजली बिल से बचना चाहते हैं और प्राकृतिक ठंडक चाहते हैं, तो छत पर सफेद चूना लगाने का सही तरीका जान लीजिए।क्या और कितनी सामग्री की होगी जरूरत

700 से 800 स्क्वायर फीट की छत के लिए आपको किसी महंगे कूल-पेंट की जरूरत नहीं है। इसके लिए मात्र 10 किलो चूना और 2 किलो फेविकोल काफी होगा। चूना सफेदी देता है, जबकि फेविकोल उसे छत की सतह पर मजबूती से चिपकाने का काम करता है ताकि बारिश या हवा में यह आसानी से न निकले। यह पूरा इंतजाम बेहद कम खर्च में हो जाता है।


घोल तैयार करने का सही तरीका

​चूने का घोल बनाने के लिए हमेशा लोहे की बाल्टी या किसी बड़े मेटल के बर्तन का उपयोग करें। चूना जब पानी के संपर्क में आता है, तो रासायनिक क्रिया के कारण इसका तापमान बहुत बढ़ जाता है, इसलिए प्लास्टिक की बाल्टी पिघल सकती है। 5 किलो चूने को 10 लीटर पानी में भिगोएं और इसे अच्छी तरह मिक्स करें।


फेविकोल का इस्तेमाल और गाढ़ापन

जब चूना पानी में अच्छी तरह घुल जाए, तो इसमें 1 किलो फेविकोल मिलाएं। फेविकोल मिलाने से चूना सूखने के बाद पपड़ी बनकर नहीं झड़ता। ध्यान रहे कि घोल न तो बहुत ज्यादा पतला हो और न ही इतना गाढ़ा कि ब्रश न चल सके। सिविल इंजीनियर की खास टिप है कि इसमें आधा किलो चीनी मिला दें, इससे पेस्ट गाढ़ा हो जाता है और सतह पर बेहतर पकड़ बनाता है।


छत की तैयारी और पहला कोट

चूना लगाने से पहले छत की अच्छी तरह सफाई करें। धूल, मिट्टी और काई को हटा दें, अन्यथा चूना सतह को नहीं पकड़ेगा। सफाई के बाद छत को पानी से भिगो लें। जब छत हल्की नम हो, तब पहला कोट लगाएं।सिविल इंजीनियर का सुझाव है कि पहला कोट सुबह के समय ही लगाएं। इससे दोपहर की तेज धूप में लेप अच्छी तरह सूख जाता है और सतह के साथ बॉन्ड बना लेता है।


दूसरे कोट का महत्व और समय

एक कोट से छत पूरी तरह सफेद नहीं दिखती और उसकी मोटाई भी कम रहती है। पहले कोट के लगभग 12 से 14 घंटे बाद दूसरा कोट लगाएं। दूसरा कोट लगाने से छत पर एक ठोस सफेद परत जम जाती है, जो लंबे समय तक चलती है। दो कोट के बाद छत दूध जैसी सफेद हो जाएगी, जो गर्मी को अंदर आने से रोकने के लिए पर्याप्त है।


घर को ठंडा रखने का आसान तरीका ​


इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

​छत को सफेद करने का वैज्ञानिक आधार आसान है। सफेद रंग 'रिफ्लेक्टर' की तरह काम करता है। जब सूरज की तेज किरणें सफेद छत पर गिरती हैं, तो वे अवशोषित होने के बजाय रिफ्लेक्ट होकर वापस वायुमंडल में चली जाती हैं। इससे कंक्रीट की छत गर्म नहीं होती। इस तकनीक से घर के अंदर का तापमान 5 डिग्री तक कम हो जाता है, जिससे AC की जरूरत कम पड़ती है और बिजली की बचत होती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।

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