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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कोयला माफिया के मिले तीन फ्लैट और आठ प्लॉट, ED ने झारखंड में की थी रेड

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कोयला माफिया के मिले तीन फ्लैट और आठ प्लॉट, ED ने झारखंड में की थी रेड

दिनेश मिश्र, नोएडा : झारखंड के धनबाद जिले को 'ब्लैक डायमंड' यानी कोयले की राजधानी कहा जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले सप्ताह धनबाद में अवैध कोयला खनन, रंगदारी, लेवी वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की।

जांच टीम ने यहां के प्रमुख कोयला कारोबारियों और आउटसोर्सिंग ठेकेदारों के 30 से अधिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। ईडी की इस कार्रवाई के दौरान कोयला कारोबारी लाल बाबू सिंह और व्यापारी अनिल गोयल के सहयोगियों के ठिकानों से 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए थे।

ईडी छापेमारी के दौरान मिले थे कागजात

इन दस्तावेजों में ग्रेनो वेस्ट में आठ कमर्शल प्लॉट और तीन फ्लैट की बुकिंग के कागजात मिले थे। इनकी खरीद कैश में होने के सबूत भी मिले थे। ईडी ने इस संबंध में जांच के लिए सोमवार को अथॉरिटी से संपर्क साधा। कोयला व्यापारी अनिल गोयल के ठिकानों पर छापेमारी में 200 से ज्यादा अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले थे। इन दस्तावेजों में एनसीआर में निवेश के साक्ष्य मिले थे। इनके यहां से दर्जनों बैंक खातों के जो दस्तावेज जब्त किए गए हैं, उनमें से कुछ नोएडा के दो निजी बैंकों से भी जुड़े हैं।

NCR में किया है मोटा निवेश

गौरतलब है कि धनबाद में ईडी की रांची जोनल टीम की छापेमारी के दौरान एलबी सिंह के परिसरों से मिले 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्तियां मिली है। बेनामी संपत्तियों की जांच की कड़ी में नोएडा के अलावा गुड़गांव और गाजियाबाद में भी रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश के सबूत हाथ लगे हैं। इनके सत्यापन का काम शुरू हो गया है।

अवैध संपत्ति को करना है कुर्क

इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराध की कमाई से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करना है। 600 करोड़ से अधिक की जब्ती का यह आंकड़ा बताता है कि देश में कोयला सिंडिकेट कितनी गहरी जड़ जमा चुका है। 600 करोड़ की अचल संपत्ति और 160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज होने के बाद अब जांच एजेंसी उन सफेदपोश नेताओं और नौकरशाहों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है जिनके संरक्षण में यह कोयला सिंडिकेट चल रहा था।

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