US Bans China Humanoid Robots: अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए चीन के इंसानी यानी कि ह्युमनॉइड रोबोट्स पर बैन लगा दिया है। इसके जवाब में चीन ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
दरअसल अमेरिका का मत है कि चीनी रोबोट्स एडवांस सेंसर्स से लैस हैं और ये संवेदनशील डेटा जुटा सकते हैं।
China Humanoid Robots: अमेरिका और चीन के बीच की डिजिटल वॉर एक कदम आगे बढ़ते हुए ह्युमनॉइड रोबोट्स तक पहुंच गई है। दरअसल अमेरिका की फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए चीन के एडवांस ह्युमनॉइड रोबोट्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। इतना ही नहीं इस प्रतिबंध में चार पैरों वाले क्वाड्रुपेड्स, दो पैरों वाले रोबोट्स और पहियों वाले वाहन भी शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका को डर है कि ये रोबोट्स अपने हाईटेक सेंसर्स की मदद से संवेदनशील डेटा जुटा सकते हैं। इस फैसले को चीनी टेक्नोलॉजी जैसे कि ड्रोन, 5G और AI पर कड़े नियंत्रण का हिस्सा बताया जा रहा है।क्यों लगा चीनी रोबोट्स पर बैन?
- FCC के अनुसार ये रोबोट्स क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी और मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होते हैं। इसके अलावा ये रोबोट्स अत्याधुनिक सेंसर्स से लैस भी होते हैं, जिनकी मदद से ये
- आसपास के माहौल का संवेदनशील डेटा जुटा सकते हैं।
- अमेरिका का मानना है कि अपनी अर्थव्यवस्था और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए उसे एक सुरक्षित घरेलू रोबोटिक्स सप्लाई चेन की जरूरत है।
- यही वजह है कि विदेशी रोबोट्स को सुरक्षा मंजूरी के बिना अमेरिका में एंट्री नहीं मिलेगी।
अमेरिका के फैसले से मस्क को फायदा

- रिपोर्ट्स के मुताबिक(REF.) अमेरिका के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा किसी और को नहीं बल्कि टेस्ला के सीईओ एलन मस्क को मिल सकता है। दरअसल मस्क खुद अपनी कंपनी के ऑप्टिमस
- रोबोट के लिए चीन को सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन बता चुके हैं।
- मस्क कई बार कह चुके हैं कि चीन बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग करने और AI मॉडल विकसित करने के मामले में बेहद ताकतवर है।
- उनके मुताबिक चीन के अलावा उनके ऑप्टिमस रोबोट को टक्कर दे पाने वाला कोई और देश फिलहाल दिखाई नहीं देता है।
चीन की धमकी

- अमेरिका के फासले पर चीन की आपत्ति भी सामने आ गई है। चीन के वाणिज्य मंत्री का कहना है कि FCC के इस कदम से चीन और अमेरिका के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नुकसान होगा।
- चीन ने अमेरिका से अपना फैसला वापस लेने की मांग की है और ऐसा न करने पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- गौरतलब है कि पहले भी अमेरिका चीन तक एडवांस तकनीक को पहुंचने से रोकने के लिए हर तरह के बैन लगाता रहा है।

