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Honeycomb Pad Types: क्या आपने कूलर में लगाया है सही पैड? एक से नहीं होते कूलर के सभी हनीकॉम्ब पैड्स, जानें आपको कौन सा लगाना चाहिए?

Honeycomb Pad Types: क्या आपने कूलर में लगाया है सही पैड? एक से नहीं होते कूलर के सभी हनीकॉम्ब पैड्स, जानें आपको कौन सा लगाना चाहिए?

Best Honeycomb Pads For Air Cooler: अक्सर लोग मानते हैं कि कूलर के पैड एक ही तरह के होते हैं और किसी को भी कूलर में लगाने से ठंडक मिलती है। हालांकि हनीकॉम्ब पैड्स के मामले में ऐसा नहीं है।

हनीकॉम्ब पैड्स कई तरह के होते हैं और अलग-अलग कूलर्स में इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में आपके लिए जानना जरूरी है कि आपको अपने कूलर में स्टैंडर्ड सेलुलोज हनीकॉम्ब पैड, एंटी-बैक्टीरियल हनीकॉम्ब पैड, हाई-डेंसिटी हनीकॉम्ब पैड और प्लास्टिक या सिंथेटिक हनीकॉम्ब पैड में से किसे लगाना चाहिए?


Honeycomb Pad Difference: कम ही लोग इस बात को समझते हैं कि एयर कूलर की असली जान उसके पैड होते हैं। अगर कूलर में पैड सही लगे हों, तो आपका कूलर चिलचिलाती गर्मी में भी चिल्ड हवा दे सकता है। हालांकि समझने की बात यह है कि कूलर के सभी पैड एक जैसे नहीं होते। लोग कूलर के पैड्स में ज्यादा से ज्यादा हनीकॉम्ब और घास वाले पैड का फर्क समझते हैं जबकि हनीकॉम्ब पैड्स भी अलग-अलग तरह के होते हैं। ऐसे में अगर आप नया कूलर लेने का सोच रहे हैं या पुराने कूलर के पैड्स बदलना चाहते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि आपके लिए कौन सा हनीकॉम्ब पैड बेस्ट है।
कूलर के हनीकॉम्ब पैड कई तरह के आते हैं। इनमें स्टैंडर्ड पैड, एंटी-बैक्टीरियल हनीकॉम्ब पैड, हाई-डेंसिटी हनीकॉम्ब पैड और प्लास्टिक या सिंथेटिक हनीकॉम्ब मुख्य हैं।स्टैंडर्ड सेलुलोज हनीकॉम्ब पैड्स .

आम हनीकॉम्ब पैड को स्टैंडर्ड सेलुलोज पैड कहते हैं। इन्हें सेलुलोज पेपर से बनाया जाता है। इनका डिजाइन मधुमक्खी के छत्ते जैसा होता है। जिसकी वजह से इनमें से जब हवा गुजरती है, तो उसे ज्यादा सरफेस मिलता है और कूलर भी ठंडक ज्यादा दे पाता है।

ये पैड्स घरों में इस्तेमाल होने वाले पर्सनल और डेजर्ट कूलर्स के लिए बेस्ट होते हैं। इनकी खासियत होती है कि ये पानी को बहुत अच्छे से सोखते हैं, जिससे हवा तेजी से ठंडी हो पाती है।


एंटी-बैक्टीरियल हनीकॉम्ब पैड्स

प्रीमियम कूलर्स में एंटी-बैक्टीरियल हनीकॉम्ब पैड्स का इस्तेमाल होता है। ये होते तो स्टैंडर्ड हनीकॉम्ब पैड ही हैं लेकिन इनमें खास तरह की बायो-कोटिंग या एंटी-माइक्रोबियल परत होती है। इसकी वजह से हमेशा गीले रहने वाले पैड्स में फंगस या बैक्टीरिया नहीं पनपता। अगर आपके घर में बच्चे या बुजुर्ग हैं जिन्हें एलर्जी या सांस की समस्या है, तो आप भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। ये पैड हवा को ठंडा करने के साथ-साथ उसे शुद्ध भी रखते हैं।


हाई-डेंसिटी हनीकॉम्ब पैड्स

हनीकॉम्ब पैड डेंसिटी के आधार पर भी अलग-अलग आते हैं। आमतौर पर इनमें आपको 5090 और 7090 मॉडल मार्केट में मिलते हैं। 5090 मॉडल के पैड में हनीकॉम्ब पैड के खांचे यानी कि फ्लूट्स छोटे और पास-पास होते हैं। वहीं 7090 में ये थोड़े बड़े होते हैं।

5090 नंबर के हनीकॉम्ब पैड्स का इस्तेमाल उनके लिए सही होता है, जिन्हें ज्यादा ठंडक की जरूरत होती है जैसे कि इंडस्ट्रियल कूलर। वहीं 7090 नंबर के पैड घरेलू इस्तेमाल के लिए सही समझे जाते हैं। यहां समझने वाली बात ये है कि कूलर के पैड की डेंसिटी जितनी ज्यादा होती है, कूलर की कूलिंग उतनी ही लाजवाब मिलती है।


प्लास्टिक या सिंथेटिक हनीकॉम्ब पैड्स

सस्ते और पोर्टेबल कूलर्स में प्लास्टिक या सिंथेटिक मटेरियल के पैड्स भी मिलते हैं। यह सेलुलोज जितनी ठंडक भले न दे पाते हों, लेकिन इनकी लाइफ काफी ज्यादा होती है। ये उन इलाकों के लिए ठीक होते हैं जहां पानी बहुत ज्यादा खारा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह खारे पानी की वजह से भी जल्दी गलते नहीं हैं। इसके अलावा इन्हें साफ करना भी आसान होता है और इन्हें सालों-साल इस्तेमाल में लिया जा सकता है।


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