Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
जब बीच सड़क पर आ गया 5 मगरमच्छों का कुनबा... रणथंभौर से बहकर सवाई माधोपुर आए 'पानी के शिकारी', गांव में दहशत

जब बीच सड़क पर आ गया 5 मगरमच्छों का कुनबा... रणथंभौर से बहकर सवाई माधोपुर आए 'पानी के शिकारी', गांव में दहशत

वाई माधोपुर: सवाई माधोपुर जिले में हो रही मूसलाधार बारिश ने इस बार न सिर्फ जनजीवन अस्त-व्यस्त किया है, बल्कि इंसानों और जंगली जानवरों का आमना-सामना भी बढ़ा दिया है। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में उफनते जलाशयों से बहकर आए मगरमच्छ अब इंसानी आबादी और मुख्य सड़कों पर पहुंच रहे हैं।

बीती रात शेरपुर गांव के पास कुंडेरा-सवाई माधोपुर मार्ग की झरेटी रपट पर एक साथ पांच मगरमच्छों की मौजूदगी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

जंगल से निकले मगरमच्छ, रपट पर लगा ट्रैफिक जाम

मिली जानकारी के अनुसार, रणथंभौर टाइगर रिजर्व के कैचमेंट एरिया में स्थित अटल सागर, मिश्रदर्रा और आड़ा बालाजी जलाशयों में भारी बारिश के कारण जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके चलते झरेटी नाले में तेज बहाव के साथ कई विशालकाय मगरमच्छ बहकर जंगल से बाहर आ गए। रात के वक्त जब नाले का पानी थोड़ा उतरा, तो राहगीरों की नजर सड़क पर पड़ी और सबके होश उड़ गए।

पांच मगरमच्छ आराम से टहलते नजर आए

झरेटी रपट और मुख्य मार्ग पर एक-दो नहीं, बल्कि पूरे पांच मगरमच्छ आराम से टहलते नजर आए। इनमें से चार मगरमच्छ पानी के बहाव के साथ शेरपुर-झरेटी दिशा की ओर बढ़ते दिखे, जबकि एक विशाल मगरमच्छ मुख्य सड़क के बीचों-बीच चहलकदमी कर रहा था। सड़क पर रेंगते 'दैत्यों' को देखकर गाड़ियों के पहिये थम गए और दोपहिया वाहन चालकों के हाथ-पांव फूल गए।

हादसे के डर से राहगीरों ने सुरक्षित दूरी बनाकर अपनी गाड़ियां रोक लीं और उनके सड़क पार करने का इंतजार करने लगे। कुछ ही देर में इस अनोखे और डरावने नजारे को देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लग गया।

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से सुरक्षा की गुहार

शेरपुर और झरेटी गांव के आसपास मुख्य रास्ते पर मगरमच्छों की इस तरह खुलेआम मौजूदगी से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। चूंकि यह मार्ग रोजाना की आवाजाही के लिए मुख्य रास्ता है, इसलिए हादसों का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलस्तर कम होने के बाद मगरमच्छ अक्सर पानी से निकलकर सूखी जगहों और सड़कों पर आ जाते हैं।

गांव वालों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि झरेटी नाले और आसपास के रिहायशी इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए और मगरमच्छों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस जलाशयों में छोड़ा जाए, ताकि कोई बड़ी अनहोनी न हो सके।

कोटा में भी सड़कों पर आए मगरमच्छ

कोटा में उफनती चंबल के बीच मगरमच्छों का रिहायशी इलाकों में हमला तेज हो गया है। एक ही दिन तीन अलग-अलग कॉलोनियों, सड़क, नाले और एक बाड़े में विशालकाय मगरमच्छों की एंट्री से हड़कंप मच गया। दहशत के माहौल के बीच वन विभाग ने 4 घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों जलचरों को सुरक्षित चंबल में वापस छोड़ा।
Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: navabharat taims