नई दिल्ली: घना कोहरा हो, तेज बारिश हो या रात का वक्त। किसी अनजान एक्सप्रेसवे पर कार खराब हो जाए या हादसा हो जाए और यह भी पता न हो कि लोकेशन कहां की है, तो मदद मांगना मुश्किल हो जाता है।
इसी परेशानी को दूर करने के लिए NHAI अपनी नेशनल हाईवे हेल्पलाइन 1033 को AI की मदद से अपग्रेड कर रहा है। नए सिस्टम में कॉल करने वाले को अपनी सही लोकेशन बताने की जरूरत नहीं होगी। सिस्टम खुद लोकेशन पता करके जरूरत के मुताबिक एंबुलेंस, मिस्त्री या गाड़ी टो करने वाली टीम को मौके पर भेजने में मदद करेगा।
एंबुलेंस, मिस्त्री को मौके पर भेज सकेगी NHAI
NHAI अधिकारियों के मुताबिक, नई तकनीक का सबसे बड़ा फायदा आपात स्थिति में पीड़ित की सही लोकेशन का जल्द पता लगाना होगा। 1033 पर कॉल करने के बाद कॉलर की लोकेशन पता चल जाएगी। करीब 5 मीटर तक सटीक लोकेशन: अधिकारियों का दावा है कि नया सिस्टम करीब पांच मीटर के दायरे में लोकेशन का पता लगा सकेगा। कॉल करने वाला मौके की फोटो और वीडियो भी अपलोड कर सकेगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि वहां किस तरह की सहायता की जरूरत है।एंबुलेंस को भी सीधे मिलेगी लोकेशन
इस सिस्टम का फायदा केवल मदद मांगने वाले को ही नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचने वाली टीमों को भी होगा। एंबुलेंस, मिस्त्री या टोइंग वाहन के ड्राइवर को लोकेशन खोजने में समय नहीं गवाना पड़ेगा। उन्हें सीधे घटनास्थल की लोकेशन मिल सकेगी। इससे खासकर हादसों में मदद पहुंचने का समय कम होने की उम्मीद है।खतरनाक जगहों का पहले मिलेगा अलर्ट
नए सिस्टम में केवल हादसे या गाड़ी खराब होने के बाद मदद देने की व्यवस्था नहीं होगी। हाईवे पर यात्रा के दौरान चालकों को उन जगहों के बारे में पहले से अलर्ट भेजने की भी योजना है, जहां दुर्घटना का खतरा अधिक है।कई भाषाओं में मिलेगी सुविधा
यह सिस्टम केवल हिंदी और अंग्रेजी तक सीमित नहीं रहेगा। इसे कई भाषाओं में काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि अलग-अलग राज्यों के यात्रियों को हेल्पलाइन का इस्तेमाल करने में परेशानी न हो।
