हैदराबाद : तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) वी. अरविंद बाबू को उनकी ड्यूटी से हटा दिया है। यह कदम मेटा इंडिया प्रमुख और कई फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने वाले कंटेंट को लेकर एफआईआर दर्ज होने के दो दिन बाद उठाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी को राज्य पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई, जब सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर हाल ही में हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपमानजनक पोस्ट पर एफआईआर दर्ज करने के तरीके को गंभीरता से लिया।
साइबर क्राइम पुलिस ने गुरुवार को मेटा के इंडिया हेड अरुण श्रीनिवास के खिलाफ केस दर्ज किया। उनके साथ-साथ कई फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री के मॉर्फ्ड (बदले हुए) और आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें फैलाने के आरोप में मामले दर्ज किए।
तेलंगाना बीजेपी ने की थी शिकायत
ये एफआईआर बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एक बिजनेसमैन और भाजपा समर्थक एस. अरविंद रेड्डी और तेलंगाना भाजपा कार्यकर्ता टी. साईकिरण गौड़ की शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि इंस्टाग्राम ब्राउज करते समय उन्हें कई मॉर्फ्ड और डिजिटल रूप से बदले गए वीडियो और तस्वीरें मिलीं, जिनमें प्रधानमंत्री को अपमानजनक और भ्रामक तरीके से दिखाया गया था।कांग्रेस पर भड़की बीजेपी
साईकिरण गौड़ ने अपनी शिकायत के साथ 20 फेसबुक और इंस्टाग्राम लिंक की एक सूची सौंपी और इस कंटेंट को होस्ट करने के लिए मेटा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस बीच, तेलंगाना भाजपा ने कांग्रेस सरकार की इस कार्रवाई को 'बदले की भावना से प्रेरित' बताते हुए इसकी निंदा की है।राज्य भाजपा प्रमुख एन. रामचंद्र राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस जहर और नफरत से इतनी भर गई है कि अब सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। कांग्रेस सरकार ने हैदराबाद के डीसीपी को तब ड्यूटी से हटा दिया, जब उन्होंने पीएम मोदी को निशाना बनाने वाले अपमानजनक, मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने के लिए मेटा और कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
राज्य भाजपा के एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा गया कि प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर अपमानजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ कानून के तहत मामला दर्ज करने वाले साइबर क्राइम डीसीपी के पीछे पड़ना, कांग्रेस सरकार की 'चाटुकारिता' वाली हरकतों और उनके 'तुगलकी' शासन का चरम उदाहरण है।

