NEET 2026 Re-Exam: सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर कमर कस ली है। सख्त सुरक्षा नियम और दिशानिर्देश फॉलो करते हुए नीट की परीक्षा 21 जून 2026 को होनी है।
एनटीए ने नीट यूजी का एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया है। लेकिन री-नीट से ठीक एक सप्ताह पहले सैकड़ों उम्मीदवारों ने नीट स्थगित करने की औपचारिक मांग की है। इसके बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या 21 जून को नीट एग्जाम होगा या नहीं?
दरअसल, पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं के चलते 3 मई 2026 को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई थी। राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में नीट पेपर लीक के तार जुड़े मिले थे, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। नीट पेपर सेट करने वाले पैनल में शामिल एक प्रोफेसर समेत 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोबारा इस तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए एनटीए और शिक्षा मंत्रालय ने कई सख्त कदम उठाए हैं।
Re-NEET 2026 को लेकर जरूर कदम
- इनविजिलेटर्स, ऑफिसर्स और अन्य कर्मचारियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए 'परीक्षा-कर्मयोगी' प्लेटफॉर्म शुरू।
- 21 जून तक टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर अस्थाई रोक और 30 जून तक मैसेज-एडिटिंग पर पाबंदी।
- पेपर लीक की संभावनाओं को खत्म करने के लिए क्वेश्चन पेपर भेजने के लिए वायुसेना की मदद।
- नीट री-एग्जाम का पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट्स और स्टाफ का परीक्षा खत्म होने तक 'लॉकडाउन'
इस बीच 1400 से अधिक नीट एस्पिरेंट्स ने शिक्षा मंत्रालय और एनटीए से 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा स्थगित करने की औपचारिक मांग की है। सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन से जुड़ी शिकायतों में छात्रों की मदद करने वाले वकील विनीत जिंदल ने नीट उम्मीदवारों की ओप से शिक्षा मंत्रालय और एनटीए को एक अभ्यावेदन भेजा है।
नीट पेपर लीक और री-एग्जाम में छात्रों की गलती नहीं: वकील
वकीन विनीत जिंदल ने अपने पत्र में कहा है कि परीक्षा रद्द होने और री-एग्जाम होने के लिए जिम्मेदार हालातों में उम्मीदवारों की कोई गलती नहीं है, फिर भी उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होने इस बार पर जोर दिया कि कम से कम अचनाक री-एग्जाम डेट की घोषणा से उम्मीदवारों में काफी मानसिक तनाव, चिंता, भावनात्मक दबाव, नींद की कमी और फोकस की कमी आई है।वकील छात्रों की ओर से इस बात जोर दिया कि नीट देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। इसलिए इस परीक्षा की तैयारी के लिए महीनों की कड़ी मेहनत और तैयारी की जरूरत होती है। री-एग्जाम के लिए दिया गया समय काफी नहीं है।
नीट री-एग्जाम 1 महीना स्थगित की मांग
वकील विनीत जिंदल कुल 1,467 छात्रों ने अधिकारियों से NEET UG की दोबारा परीक्षा को कम से कम एक महीने के लिए टालने और काफी समय पहले सूचना देकर नया शेड्यूल जारी करने की मांग की है।उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'आज मैंने पूरे भारत के 1,467 NEET उम्मीदवारों की ओर से शिक्षा मंत्रालय और NTA को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 21 जून 2026 को होने वाली प्रस्तावित Re-NEET परीक्षा को स्थगित करने की मांग की गई है। पेपर लीक की घटना के लिए छात्र जिम्मेदार नहीं हैं, फिर भी उन्हें अनिश्चितता, चिंता और परेशानी का बोझ उठाना पड़ रहा है। छात्रों को निष्पक्ष अवसर और तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए, साथ ही उनके मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों के नीट एस्पिरेंट्स की चिंता
वकील ने दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों के नीट उम्मीदवारों को लेकर भी चिंता जताई गई है, जिन्हें यात्रा, रहने की व्यवस्था और दूसरी जरूरी चीजों का इंतजाम करने के लिए काफी समय चाहिए। उन्होंने कुछ उम्मीदवारों के लंबे समय तक तनाव और अनिश्चितता के कारण सेहत से जुड़ी समस्याओं की बात भी कही है।बता दें कि फिलहाल नीट री-एग्जाम पोस्टपोन की मांग पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर बनाए रखें।

