नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे के बयान पर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। अब इस मुद्दे पर शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस को घेरा है। साथ ही झारखंड में पेपर लीक मामले को लेकर राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर दोहरी नीति का आरोप लगाया।
शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो जारी कर कहा, 'प्रियांक खरगे बेशरमी से कहते हैं कि अगर मेरा इस्तीफा चाहते हो पेपर लीक पर तो पहले 25 दिन आंदोलन करो। 25 दिन उपवास करो। 25 दिन अनशन पर बैठो, तब मैं जाकर कंसीडर करूंगा। ये है नेपोटिज्म का नमूना।'
प्रियांक खरगे पर बरसे शहजाद पूनावाला
उन्होंने कहा, 'जब NEET के तीन छात्र एग्जाम सेंटर पर पहुंचने में लेट हो गए थे। क्योंकि कांग्रेस के फंक्शन की वजह से उनका रूट डिले हो गया था, तब इसी प्रियांक खरगे ने स्टूडेंट्स पर दोष डालते हुए कहा कि स्टूडेंट्स गलत रास्ते से चले गए थे।'राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए सवाल
शहजाद पूनावाला ने आगे कहा, 'एक भी बार कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने कर्नाटक में हुए पेपर लीक, झारखंड में हुए पेपर लीक, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब में हुए पेपर लीक इस पर अपनी जुबान नहीं खोली है। उन्होंने कहा, उल्टा उनके नेता किस प्रकार के बेशरम, निर्लज्ज बयान देते हैं। कर्नाटका में देखिए, एक नहीं, दो नहीं, अनेकों पेपर लीक हुए हैं, अनेकों धांधलियां हुई हैं और उसके बाद उनका रिस्पॉन्स है कि 25 दिन थोड़ा अनशन-वंशन कर लो, तब देखेंगे।'बीजेपी से इस्तीफा दे चुके हैं शहजाद पूनावाला
बता दें हाल में ही शहजाद पूनावाला ने बीजेपी की सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसकी जानकारी खुद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी। उन्होंने कुछ घंटे पहले अपना प्रोफाइल बायो अपडेट किया। नए बायो में भाजपा का नाम कहीं नहीं है।इस्तीफे की वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन बायो में बदलाव और पार्टी का नाम हटाने से कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने पीएम मोदी के प्रति अपना समर्थन बरकरार रखा है। बायो में 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजीवन अनुयायी' लिखकर उन्होंने साफ किया कि विचारधारा से उनका जुड़ाव अब भी है।
शहजाद पूनावाला पहले कांग्रेस में थे। 2017 में पार्टी के अध्यक्ष चुनाव को लेकर विवाद के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी।

