नई दिल्ली: सऊदी अरब समेत 30 से ज्यादा देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने यहां के राष्ट्रीय सम्मान दिए हैं। पीएम मोदी को विदेश में मिले ये सर्वोच्च सम्मान भारत के लिए क्या मायने रखते हैं, इस पर पूर्व विदेश सचिव और दिग्गज एक्सपर्ट कंवल सिब्बल ने अहम टिप्पण की है।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट में दो टूक कहा कि ये सम्मान और मेडल किसी रेस या मैच को जीतने जैसी किसी एक घटना पर आधारित नहीं हैं। इससे भारत के बढ़ते कद और महत्व को मान्यता मिल रही है। ये किसी का व्यक्तिगत सम्मान नहीं हैं, इससे भारत का सम्मान हो रहा है।
इससे भारत का सम्मान हो रहा: कंवल सिब्बल
1966 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे कंवल सिब्बल ने एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने पीएम मोदी को दिए गए विदेशों में सम्मान को लेकर लिखे गए एक लेख रिएक्ट किया है। कंवल सिब्बल ने कहा, 'ये अवॉर्ड किसी राजनीतिक शून्यता के लिए नहीं दिए जाते। देशों के आपसी रिश्तों में इन अवॉर्ड्स का राजनीतिक महत्व होता है। ये अवॉर्ड द्विपक्षीय रिश्तों और क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय मामलों में पीएम मोदी के योगदान को मान्यता देते हैं। ये सिर्फ व्यक्तिगत सम्मान नहीं हैं। इससे भारत का सम्मान हो रहा है। प्रधानमंत्री भारत और उसकी नीतियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।'
पीएम मोदी को विदेशों में सम्मान पर बोले पूर्व राजनयिक
कंवल सिब्बल ने अपने एक्स पोस्ट में आगे लिखा, 'ये मेडल किसी रेस या मैच को जीतने जैसी किसी एक घटना पर आधारित नहीं हैं। इससे भारत के बढ़ते कद और महत्व को मान्यता मिल रही है। यह भारत के व्यापक हित में है, क्योंकि देश कई चुनौतियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसलिए, इन सम्मानों का हमारे राष्ट्रीय हित के लिए कोई महत्व क्यों नहीं होगा?'पूर्व विदेश सचिव का एक्स पर कमेंट
जाने-माने राजनयिक रहे पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने एक्स पोस्ट में ये बातें कही हैं। कंवल सिब्बल, तुर्की, मिस्र, फ्रांस और रूस में भारत के पूर्व राजदूत रह चुके हैं। उन्हें सितंबर 2023 में दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का कुलाधिपति (जेएनयू का चांसलर) नियुक्त किया गया था। उन्होंने 2002 से 2003 तक भारत के विदेश सचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है। कंवल सिब्बल ने पूर्व विदेश सेवा के अधिकारी विवेक काटजू के पीएम मोदी को मिले सम्मान में लिखे गए लेख पर रिएक्ट किया है।30 से ज्यादा देशों में पीएम मोदी को राष्ट्रीय सम्मान
विवेक काटजू ने 'द टेलीग्राफ ऑनलाइन' में पीएम मोदी को दिए गए विदेशों में सम्मान को लेकर टिप्पणी की है। 'शानदार उपलब्धि' नाम से लेख में उन्होंने बताया है कि किसी देश की सरकार के प्रमुख को दूसरे देशों से मिलने वाले राष्ट्रीय पुरस्कारों का, उस देश के विदेशी और रणनीतिक हितों पर क्या असर पड़ता है? भारत की विदेश नीति और कूटनीति के लिए यह एक अहम सवाल है, क्योंकि 2014 में पद संभालने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 33 देशों ने राष्ट्रीय पुरस्कार दिए हैं। ऐसा लगता है कि किसी भी दूसरे देश में मौजूदा सरकार के प्रमुख या राष्ट्राध्यक्ष को उतने विदेशी राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं मिले हैं, जितने पीएम मोदी को उनके 12 साल के कार्यकाल में मिले हैं। ये एक शानदार उपलब्धि है।
