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Power Off vs Restart: फोन को Switch Off करना बेहतर है या Restart, कंपनियां क्यों देती हैं ये दो अलग ऑप्शन? समझें फर्क

Power Off vs Restart: फोन को Switch Off करना बेहतर है या Restart, कंपनियां क्यों देती हैं ये दो अलग ऑप्शन? समझें फर्क

Power off vs Restart Android: क्या आप फोन को ऑफ करने और रीस्टार्ट करने में कोई फर्क समझते हैं? अगर हां, तो बता दें कि दोनों का काम आपके फोन को बंद करना है और टेक्निकली दोनों में किसी तरह का फर्क भी नहीं है।

दोनों ही फोन के सभी ऑपरेशन पूरी तरह से बंद कर देते हैं। हालांकि फोन को पावर ऑफ करके ऑन करने में रीस्टार्ट करने के मुकाबले ज्यादा बैटरी खर्च होती है, इसलिए फोन की स्मूद परफॉर्मेंस के लिए रीस्टार्ट बेहतर रहता है। अगर फोन गर्म हो या रिपेयर होना हो, तो पावर ऑफ करना काम आता है।


Phone Maintenance Tips: क्या कभी आपने इस बात पर गौर किया है कि फोन बंद करने के दो ऑप्शन रीस्टार्ट और पावर ऑफ क्यों होते हैं? कंपनियां चाहतीं तो सिर्फ एक ऑप्शन भी दिया जा सकता था। ऐसे में यह सवाल भी खड़ा होता है कि दोनों में से बेहतर कौन सा है और हमें कौन सा इस्तेमाल करना चाहिए?

दरअसल स्मार्टफोन के मामले में Switch Off और Restart ऑप्शन देने का लॉजिक अलग है। कई लोग मानते हैं कि फोन हैंग होने पर अगर फोन को बंद करके चालू किया जाए, तो वह डीप क्लीन हो जाता है, जबकि हकीकत में रीस्टार्ट और पावर ऑफ दोनों ही बैकग्राउंड प्रोसेस को पूरी तरह बंद कर देते हैं।Restart और Switch Off में फर्क क्या है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक तकनीकी तौर पर देखा जाए, तो दोनों ही फोन को ऑफ करने के तरीके हैं। इन दोनों ही तरीकों से आपका फोन शून्य से शुरू होता है। कहने का मतलब है कि इनके इस्तेमाल पर फोन में कोई ऑपरेशन नहीं चल सकता।

फर्क की बात करें, तो इनमें अंतर फोन के शुरू होने में होने वाले समय में है। रीस्टार्ट करने पर फोन प्रोसेस बंद करने के तुरंत बाद खुद चालू हो जाता है, जबकि पावर ऑफ करने पर आप तय करते हैं कि इसे कब चालू करना है। ऐसा नहीं है कि रीस्टार्ट करने पर फोन की मेमोरी कम साफ होती है या पावर ऑफ करने से वह बेहतर तरीके से क्लीन हो जाती है।


फिर फर्क पड़ता कहां है?

कई लोग मानते हैं कि फोन को ऑफ करने से वह बेहतर तरीके से काम करता है। हालांकि यहां इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि फोन बूट होने पर ज्यादा बैटरी खर्च करता है। ऐसे में अगर आप फोन को 8 घंटे से ज्यादा समय के लिए बंद नहीं करने वाले हैं, तो बेहतर है कि आप उसे बंद करने की जगह रीस्टार्ट कर लें।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि फोन को लंबी उम्र देने और लैग से बचाने के लिए समय-समय पर रीस्टार्ट करना ही काफी रहता है। दरअसल रीस्टार्ट कम समय लेता है और फोन को दोबारा सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त होता है।(REF.)


फिर पावर ऑफ कब करना चाहिए?

अब सवाल उठता है कि अगर रीस्टार्ट ही काफी है, तो फिर पावर ऑफ ऑप्शन क्यों दिया गया है या इसे कब इस्तेमाल करना चाहिए? मान लें कि आपका फोन बहुत ज्यादा गर्म हो रहा है, तो इसे स्विच ऑफ कर देना चाहिए। रीस्टार्ट करने पर बैकग्राउंड प्रोसेस तुरंत दोबारा शुरू हो जाते हैं, जिससे फोन को ठंडा होने का समय नहीं मिलता।

इसके अलावा, अगर आप फोन की बैटरी बदल रहे हैं या कोई रिपेयरिंग का काम कर रहे हैं, तो पावर ऑफ करना जरूरी होता है। आसान शब्दों में आप इनका फर्क और काम ऐसे समझ सकते हैं कि जब कोई सामान्य समस्या हो जैसे कि लैग आदि तो फोन को Restart करना काफी रहता है। वहीं हार्डवेयर की समस्या या फोन के गर्म होने पर उसे ऑफ करना चाहिए।


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