जयपुर। राजस्थान में अपनी पक्की छत का सपना देख रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत नए आवासों को मंजूरी मिल गई है। पीएम आवास योजना के लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) श्रेणी में 6139 नए घरों को तैयार करने के लिए मंजूरी दी गई है।
सरकार की ओर से इस श्रेणी में घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये मिलते हैं।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी (SLSMC) की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 6,139 नए BLC आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन आवासों के लिए 153.47 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता स्वीकृत की गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत जिन 6,593 आवासों का निर्माण शुरू नहीं हो सका है, उनके संबंध में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्यवाही पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने बताया कि लाभार्थी को निर्माण के लिए 2.5 लाख रुपये मिलते हैं। जितने आवासों को मंजूरी मिली है, उनकी पहली किस्त के रूप में 61 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
BLC श्रेणी में मिलते हैं 2.5 लाख रुपये
पीएम आवास योजना की बीएलसी श्रेणी में खुद की 30 से 45 मीटर भूमि पर आवास बनाने के लिए आर्थिक मदद की जाती है। अगर कोई भूमिहीन है तो सरकार उन्हें जमीन भी दे सकती है। इस योजना के तहत कम से कम 2 कमरे, किचन, टॉयलेट और वॉशरूम बनाना जरूरी है। इस योजना के तहत सरकार से 2.5 लाख रुपये मिलते हैं। इनमें से 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार की ओर से मिलते हैं। जबकि 1 लाख रुपये राज्य सरकार देती है। यह पैसा 3 किस्तों में आता है।पीएम आवास योजना शहरी के लिए आवेदन कैसे करें
अगर आप पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं तो आप इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको PMAY-U के ऑफिशियल पोर्टल पर जाना होगा। यहां Apply for PMAY-U 2.0 पर क्लिक करना है। योजना के लिए आवेदन का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस जानने के लिए आप 'पीएम आवास योजना शहरी' पर क्लिक कर सकते हैं।आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने कहा कि पात्र शहरी परिवारों को समय पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत आवासों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए तथा योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) और अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) के अंतर्गत अपनाई गई श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को सभी शहरी निकायों में प्रभावी रूप से अपनाया जाए, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक समय पर पहुंच सके।बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन श्री आलोक गुप्ता, शासन सचिव, स्वायत्त शासन विभाग श्री रवि जैन सहित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, राजस्व एवं उपनिवेशन, वित्त, ऊर्जा, मुख्य नगर नियोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक तथा रुडसिको के कार्यकारी निदेशक एवं मिशन निदेशक (पीएमएवाई-यू) सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

