जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश प्रेम संबंध, करोड़ों रुपये के जमीन विवाद और सुपारी किलिंग के चलते रची गई थी। हत्या के बाद शव को हमीरपुर के जंगल में ले जाकर 40 लीटर डीजल डालकर जला दिया गया, ताकि पहचान मिटाई जा सके।
पुलिस के अनुसार, 4 मई 2026 की सुबह हरियाणा के जींद निवासी 52 वर्षीय विजेंद्र सिंह मोर का उरई कोतवाली क्षेत्र के रिकनिया गांव स्थित ट्यूबवेल से अपहरण कर लिया गया था। आरोपियों ने उन्हें क्रेटा कार में बैठाकर अगवा किया और बाद में हत्या कर शव को हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के कूपरा जंगल में ले जाकर जला दिया।
जंगल से मिली मृतक की अधजली हड्डियां
इस पूरी साजिश और हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस ने कड़ी मशक्कत की। पुलिस की लगातार चल रही विवेचना के दौरान 29 जुलाई को पुलिस ने हरियाणा निवासी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को कदौरा थाना क्षेत्र के चितैला फार्म हाउस से गिरफ्तार कर लिया। मोहित की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से मृतक की अधजली हड्डियां और शव पर लपेटी गई चादर का टुकड़ा बरामद किया।प्रेम संबंध और करोड़ों की जमीन बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक विजेंद्र मोर के आरोपी महिला सपना रानी से पहले अवैध संबंध थे। बाद में सपना ने विजेंद्र से संबंध खत्म कर मोहित मलिक से शादी कर ली। इसके बाद विजेंद्र कथित रूप से दोनों को जान से मारने की धमकियां देता था।विजेंद्र की हत्या की दी गई सुपारी
इसी बीच विजेंद्र का हरियाणा के आजाद सरपंच से करीब 5 करोड़ रुपये की जमीन का विवाद भी चल रहा था। आरोप है कि जमीन बेचने के बाद विजेंद्र को केवल 1 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि बाकी रकम नहीं दी गई। पुलिस के अनुसार, इसी रकम से बचने के लिए आजाद सरपंच ने अन्य आरोपियों को साझेदारी का लालच देकर विजेंद्र की हत्या की सुपारी दी। हत्या से करीब 15 दिन पहले मोहित और सपना ने घटनास्थल की रेकी भी की थी।शव जलाकर मिटाए गए सबूत
हत्या के बाद आरोपी शव को हमीरपुर के जंगल में ले गए और करीब 40 लीटर डीजल डालकर आग लगा दी, जिससे पहचान और सबूत पूरी तरह खत्म हो जाएं। हालांकि पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार की गई जांच के आधार पर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।पहले भी घोषित था इनाम
वहीं, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के दौरान एक दुखद घटना भी सामने आई थी। 5 मई को आरोपियों की तलाश में हरियाणा गए कोतवाली उरई के दो उपनिरीक्षकों, दो आरक्षियों तथा मुकदमे के वादी अमरीक सिंह के चालक की नूंह (हरियाणा) में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने जांच जारी रखते हुए आखिरकार इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा कर दिया। इस हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपियों पर झांसी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मामले में अभी भी कई आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।