सहारनपुर: वेस्ट यूपी के सहारनपुर को एक नई टाउनशिप की सौगात मिली है। ये टाउनशिप शहर के चुन्हेटी-टपरी रोड के पास मिनी बाईपास पर विकसित की जा रही है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण की इस योजना से न केवल शहर का विस्तार होगा, बल्कि लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा भी मिल सकेगी।
इस टाउनशिप को दो चरणों में पूरा किया जाएगा और प्लॉट्स के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 20 मई 2026 है।
शहर में यह नई टाउनशिप 'मां शाकंभरी देवी आवासीय योजना नवीन सहारनपुर फेज-1' के नाम से विकसित की जा रही है। करीब 52.97 हेक्टेयर जमीन पर बनने वाली इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 37 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाएगा, जिसपर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस टाउनशिप में कुल 1460 प्लॉट होंगे, जिनमें से ज्यादा संख्या पहले चरण में ही रहेगी
प्लॉट्स को जरूरतों और बजट को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग साइज में रखा गया है। इनमें 112.50 वर्ग मीटर से लेकर 288 वर्ग मीटर तक के प्लॉट शामिल हैं। हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए कीमतें भी अलग-अलग तय की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। आपको बता दें कि हाल ही में यूपी की राजधानी लखनऊ में 630 अफोर्डेबल फ्लैट्स के लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू हुए हैं।
टाउनशिप में 24 मीटर तक चौड़ी सड़कें
इस टाउनशिप की सबसे खास बात इसमें मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं हैं। यहां सड़कों की चौड़ाई 9 मीटर से लेकर 24 मीटर तक रखी गई है। पूरी कॉलोनी में अंडरग्राउंड बिजली की लाइन, पानी की सप्लाई, सीवर सिस्टम और गैस पाइपलाइन की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा ग्रीन एरिया, पार्क, खेल का मैदान और ओपन स्पेस भी विकसित किए जाएंगे, जिससे लोगों को बेहतर वातावरण मिल सके।सुरक्षा के लिहाज से इस योजना को खास बनाया गया है। टाउनशिप में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी, पुलिस चौकी की व्यवस्था, वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था की जाएगी।
मां शाकंभरी देवी आवासीय योजना में ये होंगे सेक्टर
लोकेशन के लिहाज से भी यह टाउनशिप काफी बेहतर मानी जा रही है। शहर के प्रमुख स्थानों और कलेक्ट्रेट से इसकी दूरी महज 8 से 10 किलोमीटर के बीच है। इससे यहां रहने वाले लोगों को शहर से जुड़ाव बनाए रखने में कोई परेशानी नहीं होगी। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना सहारनपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।योजना को सेक्टरों में बांटकर विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में सेक्टर ए, बी और डी में प्लॉट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद सेक्टर जी को विशेष निर्माण के लिए रखा गया है। वहीं, दूसरे चरण में सेक्टर ई और एफ में 646 भूखंड विकसित होंगे और सेक्टर सी को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए रखा गया है।

