नई दिल्ली: शेयर मार्केट रेगुलेटर सेबी ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के फाउंडर सुभाष चंद्रा और सीईओ पुनीत गोयनका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इन दोनों को एक साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है।
साथ ही उन पर कुल 1.48 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कंपनी को भी दो महीने के लिए बैन किया गया है। एस्सेल ग्रुप की इकाइयों द्वारा लिए गए ऋण को सुरक्षित करने के लिए ZEEL की हैदराबाद स्थित भूमि को अनधिकृत रूप से गिरवी रखने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
सेबी ने इस मामले में 150 पन्नों का एक अंतिम आदेश पारित किया है। इसके मुताबिक नियामक ने जीईईएल पर 30 लाख रुपये, चंद्रा पर 60 लाख रुपये और गोयनका पर 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला 27 दिसंबर, 2018 को हुए एक जमा और घोषणा समझौते से संबंधित है, जिसके तहत एस्सेल होम और एस्सेल समूह से जुड़ी अन्य उधारकर्ता इकाइयों द्वारा लिए गए ऋण के लिए सुरक्षा के रूप में जीईईएल की हैदराबाद स्थित संपत्ति के मूल स्वामित्व दस्तावेज इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (आईएचएफएल) को सौंप दिए गए थे।
क्या है मामला?
एक अलग घटनाक्रम में, ZEEL को अपने प्रमोटर ग्रुप को कन्वर्टिबल वारंट जारी करके ₹3,144 करोड़ जुटाने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने कानून के तहत जरूरी 75% मंजूरी के आंकड़े को बहुत कम अंतर से पार किया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 76.64% वोट पड़े। इस कदम से ZEEL में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 4% से बढ़कर 24% हो जाएगी जबकि दूसरे शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी 21% कम हो जाएगी। (भाषा से इनपुट के साथ)

