Red Flag In Marriage: मॉर्डन टाइम में बोलचाल की भाषा में आजकल लोग खतरे को रेड फ्लैग और सब ठीक होने को ग्रीन फ्लैग के रूप में यूज करते हैं। ऐसे में इंटरनेट पर एक सवाल जमकर ट्रेंड कर रहा है कि 'लोग शादी से पहले किन 'रेड फ्लैग' को इग्नोर कर देते हैं?'
जो अपने बच्चों के बेहतरी के हिसाब से ही रिश्ता ढूंढते हैं। मगर चाहे शादी अरेंज हो या फिर लव, कुछ रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग दोनों में हो सकते हैं। मगर एक सवाल फिर भी बनता है कि क्या रेड फ्लैग लोग शादी के दौरान, इग्नोर कर देते हैं। यह सवाल इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जिस पर खूब रिएक्शन आ रहे हैं। आइए पढ़ते हैं, लोग इस मुद्दे पर क्या जवाब दे रहे हैं? रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग!

देखिए रेड फ्लैक का सीधा मतलब आप जिस रास्ते से जा रहे हैं, वहां खतरा हो सकता है। ऐसे में रुक जाइए, सोच समझकर जाइए या फिर उस रास्ते पर जाने का रिस्क पूरी तरह से आपका है। वहीं ग्रीन फ्लैग का मतलब, आपने जो रास्ता चुना है। वह ठीक है और आपको बिना कुछ सोचे या रिस्क को लेकर डरे आगे बढ़ना है।
खैर, 'रेड फ्लैग' के इस्तेमाल के साथ रेडिट पर एक सवाल वायरल है, जिसमें r/AskReddit के रेडिट पेज पर @Top-Background-7305 ने पूछा है कि 'शादी से पहले लोग किन रेड फ्लैग ( चेतावनी संकेतों) को नजरअंदाज कर देते हैं?' यहां इस सवाल को सुनते ही लोगों ने कमेंट सेक्शन में भर-भर रिएक्शन दिए है। आइए पढ़ते लोगों ने क्या प्रतिक्रियाएं दी है।
पहली चीज- ये सोचना कि बाद में सब ठीक हो जाएगा!

रेडिट यूजर @Electronic-Title1671 ने बिना लाग लपेट पोस्ट पर ऐसा कमेंट किया कि कई यूजर्स उनसे एक बार में ही सहमत हो गए। उन्होंने लिखा- लोगों को ये लगना कि बाद में सब ठीक हो जाएगा। इसका जवाब देते हुए एक रेडिटर ने लिखा कि हां! यही! इसी वजह से मैं एक गलत रिश्ते में बहुत लंबे समय तक फंसी रही।
तुम्हें लगता है कि उन्हें तुम बदल सकते हो!
एक रेडिटर ने रेड फ्लैग को लेकर कमेंट किया कि यह सोचना कि आप उन्हें या उनके विचारों को बदल सकते हैं- यह भी एक प्रकार का रेड फ्लैग है। दूसरे ने रेड फ्लैग के बारे में बात करते हुए लिखा कि एक बड़ा रेड फ्लैग यह सोचना है कि शादी के बाद कोई गंभीर समस्या अपने आप ठीक हो जाएगी।
अगर आप दोनों में से कोई एक पैसों के मामले में लापरवाह है, झगड़ों से बचता है, झूठ बोलता है, बाउंड्री का आदर नहीं करता है। संवाद करने से इनकार करता है, या बिल्कुल अलग भविष्य चाहता है, तो शादी आमतौर पर समस्या को सुलझाने के बजाय और बढ़ा देती है।
पहले साथ रहकर देखना चाहिए?

एक रेडिटर का कहना है कि 'सबसे बड़ी गलती जो मैंने देखी है, वो ये है कि कपल पहले साथ रहने का अनुभव नहीं करते। मेरे हिसाब से इसे नजरअंदाज करना सरासर बेवकूफी है। अलग रहने पर अपना असली स्वभाव छिपाना बहुत आसान होता है। लेकिन 24/7 साथ रहने पर अपना असली स्वभाव छिपाना लगभग नामुमकिन हो जाता है... रोजमर्रा की ज़िंदगी में आपका असली रूप सामने आ ही जाता है। तब आपको पता चलता है कि शादी कैसी होगी।
पोस्ट पर आए एक अन्य कमेंट में यूजर ने एक रेड फ्लैग के बारे में लिखा कि अग आपके सभी दोस्त आपसे पूछ रहे हैं कि तो क्या आप वाकई उसी व्यक्ति के साथ रहना चाहते हैं?
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिक्ल पूरी तरह से रेडिट पर पूछे गए सवाल और इंटरनेट की जनता द्वारा दिए जवाबों पर आधारित है। NBT यूजर्स के पर्सनल अनुभव और दावों के प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता।)

