मुंबई: जानें मानें शिक्षाविद और बिहार, पश्चिम बंगाल तथा त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल डॉ. डी वाई पाटील का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मंगलवार को उन्होंने कोल्हापुर में अंतिम सांस ली।
उनके निधन से शिक्षा, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि वे दूरदर्शी शिक्षाविद थे। उन्होंने उत्तर-पूर्व के अनेक जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा। उन्होंने देश के अनेक हिस्सों में उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की। समाज सेवा, राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. डी वाई पाटील का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत एवं मार्गदर्शक बना रहेगा। वे कांग्रेस के विधान परिषद दल के नेता विधायक सतेज पाटील और डी. वाई. पाटील समूह के प्रमुख संजय पाटील के पिता थे, जबकि कोल्हापुर दक्षिण के पूर्व विधायक ऋतुराज पाटिल उनके पौत्र हैं।
कौन थे डॉ. डी वाई पाटील
डॉ. डी वाई पाटील का जन्म 22 अक्टूबर 1935 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के अंबाप गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1957 में की। वे कोल्हापुर नगर परिषद के सदस्य भी चुने गए थे। इसके बाद 1967 और 1972 में पन्हाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। 1967 से 1978 तक वह महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य रहे। डॉ. डी वाई पाटील ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया। उनके मार्गदर्शन में देश के कई शहरों में विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, लॉ कॉलेज, स्कूल, अस्पताल और रिसर्च संस्थान स्थापित किए गए।उनके नाम से कई शैक्षणिक संस्थान
उनके नाम से पुणे, नवी मुंबई, कोल्हापुर, नागपुर, मुंबई, पटना और हिमाचल प्रदेश सहित कई स्थानों पर शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं। इनमें डॉ. डी वाई पाटील विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, बी-स्कूल, इंटरनेशनल स्कूल, नॉलेज सिटी और अस्पताल प्रमुख हैं। उनके नेतृत्व में देशभर में 182 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों, सात विश्वविद्यालयों और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विशाल नेटवर्क की स्थापना हुई। सन 2018 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में प्रवेश किया था, लेकिन वे सक्रिय राजनीति से दूर रहे। कांग्रेस में लंबे समय तक कार्य करने के बाद उन्हें क्रमशः त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया। तीन राज्यों के राज्यपाल के रूप में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। डी वाई पाटील को सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 1991 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।आज होगा होगा अंतिम संस्कार
बुधवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे कसबा बावड़ा स्थित 'यशवंत निवास' से उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनका अंतिम संस्कार कोल्हापुर के लाइन बाजार स्थित डॉ. डी वाई पाटील मेडिकल कॉलेज परिसर में किया जाएगा।
