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Study in US Vs Canada: अमेरिका या कनाडा, कहां पढ़ना भारतीयों के लिए फायदे का सौदा? फीस, वीजा नियम भी जानें

Study in US Vs Canada: अमेरिका या कनाडा, कहां पढ़ना भारतीयों के लिए फायदे का सौदा? फीस, वीजा नियम भी जानें

Study in US Vs Canada: विदेश में हायर एजुकेशन के लिए जब भी किसी देश को चुनने की बात आती है, तो भारतीय छात्र अक्सर अमेरिका या कनाडा में से किसी एक देश को चुनते हैं। तभी तो आज कनाडा में 4 लाख से ज्यादा और अमेरिका में 3 साल से अधिक भारतीय डिग्री ले रहे हैं।

हर साल की तरह इस साल भी हजारों भारतीय छात्र विदेश पढ़ने जाएंगे और उनके सामने फिर से वही सवाल होगा- कनाडा या अमेरिका, दोनों में से पढ़ने के लिए किस देश को चुनें? इस सवाल का जवाब कई फैक्टर्स पर आधारित होता है।

मौजूदा वक्त में जिस तरह विदेश में पढ़ने का खर्च बढ़ा है, वीजा को लेकर सख्ती बरती गई है और जॉब के अवसरों में कटौती हुई है, उसे देखते हुए सही देश चुनना बेहद जरूरी है। स्टडी अब्रॉड एक्सपर्ट रितिका गुप्ता का भी यही कहना है कि छात्रों को पढ़ाई के बाद उनकी कमाई कितनी होगी, वीजा नियम कैसे हैं और ग्रेजुएशन के बाद अपनी फील्ड में काम करने के मौके कितने हैं, इसे आधार बनाकर यूनिवर्सिटी और देश चुनना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि अमेरिका और कनाडा में से पढ़ने के लिए कौन सा देश बेहतर है।

US-कनाडा का एडमिशन प्रोसेस कैसा है?

अमेरिका के एप्लिकेशन और एडमिशन प्रोसेस की बात करें तो स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में सीधे अप्लाई कर सकते हैं या फिर कॉमन एप की मदद ले सकते हैं। यूनिवर्सिटी एडमिशन के लिए निबंध, टीचर्स के रिकमेंडेशन और एक्स्ट्राकरिकुलर एक्टिविटी की जरूरत पड़ती है। ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में SAT-ACT स्कोर चाहिए, अगर बैचलर्स में एडमिशन लेना है। इसी तरह से मास्टर्स के लिए GRE-GMAT स्कोर भी जरूरी होता है। इसके अलावा अंग्रेजी आने का सबूत देने के लिए IELTS या TOEFL स्कोर भी चाहिए होता है। एक बार यूनिवर्सिटी का एडमिशन ऑफर मिल जाता है, तो फिर वीजा प्रोसेस की शुरुआत होती है।


इसी तरह से कनाडा में एप्लिकेशन और एडमिशन भी कुछ हद तक अमेरिका की तरह ही हैं। स्टूडेंट्स को सीधे यूनिवर्सिटी में अप्लाई करने की आजादी है। वैसे तो कनाडाई यूनिवर्सिटीज एडमिशन के लिए ग्रेड्स पर ज्यादा फोकस करती हैं। मगर विदेशी छात्रों को निबंध और पर्सनल स्टेटमेंट लिखना होता है, जिसमें वो ये बताते हैं कि वह इस कोर्स के लिए परफेक्ट उम्मीदवार क्यों हैं? यहां भी बैचलर्स के लिए SAT-ACT स्कोर चाहिए। अंग्रेजी में पकड़ साबित करने के लिए IELTS का स्कोर भी दिखाना होता है। कनाडा में भी यूनिवर्सिटी से एडमिशन ऑफर मिलने के बाद ही वीजा प्रोसेस की शुरुआत होती है।

एजुकेशन सिस्टम किस तरह का है?

अमेरिका में आपको सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका मिलेगा। सरकारी यूनिवर्सिटी को सरकार से फंडिंग मिलती है, जबकि प्राइवेट यूनिवर्सिटीज अल्युमिनी, डोनेशन और रिसर्च ग्रांट्स के जरिए चलती हैं। THE के मुताबिक, अमेरिका में 5300 से ज्यादा यूनिवर्सिटी और कॉलेज हैं। यहां का एकेडमिक ईयर 2 टर्म वाला है, जिसमें हर टर्म 16 से 18 हफ्ते चलता है। स्टूडेंट्स के पास कई तरह के कोर्स चुनने का विकल्प होता है। अमेरिका में बैचलर्स चार साल में पूरा होता है, जबकि मास्टर्स की पढ़ाई आमतौर पर दो साल में खत्म होती है।

अगर कनाडा की बात करें तो यहां पर भी भारतीय छात्रों को सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने का मौका मिलेगा। कनाडा में 94 यूनिवर्सिटीज और 4000 से ज्यादा कॉलेज हैं, जहां एसोसिएट, अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी की पढ़ाई की जा सकती है। यहां का अकेडमिक ईयर भी 2 टर्म वाला होता है, ज्यादातर में क्लास की शुरुआत सितंबर में हो जाती है और ये मई में खत्म होता है। कुछ यूनिवर्सिटीज में तीन वर्षीय बैचलर्स कोर्स की पढ़ाई होती है, लेकिन मास्टर्स करने के लिए चार वर्षीय बैचलर्स जरूरी है, जिस वजह से यहां की यूनिवर्सिटीज में आमतौर पर चार वर्षीय बैचलर्स की पढ़ाई भी होती है।

US-कनाडा में पढ़ाई का खर्च कितना है?

THE के मुताबिक, अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए सालाना ट्यूशन फीस 56 हजार डॉलर (लगभग 53 लाख रुपये) हो सकती है। सरकारी यूनिवर्सिटी में थोड़ी कम फीस होती है, लेकिन प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की फीस काफी ज्यादा है। अच्छी बात ये है कि प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में स्कॉलरशिप और फाइनेंशियल एड भी मिलती है, जिससे पढ़ाई का खर्च काफी कम हो जाता है। इसी तरह के EduCanada के मुताबिक, कनाडा में बैचलर्स की पढ़ाई के लिए सालाना ट्यूशन फीस लगभग 29 लाख रुपये है, जबकि मास्टर्स की फीस 17 लाख रुपये सालाना के आसपास है।

US-कनाडा में पढ़ने के लिए बेहतर कौन? एक्सपर्ट ने बताया


अगर आप भी अमेरिका या कनाडा जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं, तो फिर आपको इन्हीं बातों को आधार बनाकर दोनों में से किसी एक को चुनना चाहिए। वैसे तो दोनों ही देशों में टॉप यूनिवर्सिटी हैं, लेकिन ROI देखने पर कनाडा ज्यादा बेहतर नजर आता है।
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