गोरखपुर: गोरखपुर में हैवानियत की शिकार हुई बिटिया के परिवार में पांच बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ, लेकिन पूरा परिवार इस पल की खुशी भी नहीं मना पाया। परिवार अभी गम में डूबा हुआ है।
पिता ने बताया कि सभी 5 बहनों के साथ वह भी भाई के आने का इंतजार कर रही थी। बिटिया बार बार कह रही थी कि इस साल रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधेगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
जिस दिन बिटिया के साथ वारदात हुई वह उस दिन भी मां से इस बात का जिक्र करते हुए निकली थी, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी। दरिंदगी की शिकार हुई 10 साल की बिटिया का परिजनों ने बृहस्पतिवार की सुबह अंतिम संस्कार किया था। देर शाम मां ने अस्पताल में बेटे को जन्म दिया। पिता ने बताया कि जिस दिन बिटिया के साथ वारदात हुई वह उस दिन भी मां से इस बात का जिक्र करते हुए निकली थी, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी।
जिला अस्पताल से 28 जुलाई की रात अगवा की
गोरखपुर में कोतवाली थानाक्षेत्र से 28 जुलाई की रात जिला चिकित्सालय से अगवा की गई 10 साल की बच्ची की लाश बरामद हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से डायल 112 में तैनात आरोपी सिपाही को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ था। बच्ची के पिता और बड़ी बहन ने वर्दीवाले सिपाही पर अगवा करने का आरोप लगाया था। आशंका है कि बच्ची के साथ रेप के करने के बाद उसकी हत्या की गई है।सीसीटीवी में कैद हुआ था
गाजीपुर का रहने वाला आरोपी निलंबित सिपाही अभिषेक यादव जिला अस्पताल से बच्ची को बहला फुसलाकर घर छोड़ने के बहाने बाइक पर ले जाते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ था। उधर मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या के मामले में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया। नगर निगम चौकी प्रभारी दरोगा दीपशिखा को कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता और लापरवाही पर निलंबित कर दिया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
