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Success Story: 'UPSC ने तोड़ दिया था, नींद की गोलियां लीं' IAS बनने जा रहीं प्राची ने बताया कौन-सी गलती न करें

Success Story: 'UPSC ने तोड़ दिया था, नींद की गोलियां लीं' IAS बनने जा रहीं प्राची ने बताया कौन-सी गलती न करें

Success Story of UPSC AIR 28th Prachi Honey: बिहार की प्राची हनी की कहानी पिता के सपने, जुनून, संघर्ष और हार न मानने की कहानी है। कभी यूपीएससी के तीन अटेम्प्ट में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाई थीं।

लेकिन चौथी बार में न सिर्फ प्रीलिम्स पास किया, बल्कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 28वीं रैंक हासिल की थी। उनकी जर्नी यूपीएससी एस्पिरेंट्स को प्रेरित कर सकती है।


UPSC Success Story: 'वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आए कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें आगे क्या होता है।' रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता 'रश्मिरथी' की ये पक्तियां प्राची को हिम्मत न हारने के लिए प्रेरित करती थीं। बार-बार असफलताओं से निराश हुईं, कईं रातें रोते हुए गुजारी, नींद की गोलियां तक लेनी पड़ी। लेकिन वे फिर खड़ी हुईं, अपनी कमियों से सीखा और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 28वीं रैंक हासिल की। प्राची की सक्सेस स्टोरी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो निराशा में आशा ढूंढकर आगे बढ़ रहे हैं।कौन हैं प्राची? जिन्होंने यूपीएससी में पाई थी 28वीं रैंक

प्राची हनी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) 2025 में 28वीं रैंक हासिल की थी। यह सफलता उन्हें रातों-रात नहीं मिली थी। लगातार तीन साल असफल रहने के बाद, वे अब IAS बनने की राह पर हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पादव पोखर लेन 4बी की रहने वाली प्राची हनी के पिता स्कूल प्रिंसिपल हैं, और मां एक टीचर हैं। इसलिए बचपन से घर में पढ़ाई का माहौल मिला।


पिता के सपने को बना लिया अपना जुनून

प्राची बताती हैं कि उन्होंने बचपन से पिता के एक IAS अधिकारी बनने के सपने के बारे में सुना था। लेकिन किन्हीं वजहों से उनका सपना अधूरा रह गया। पिता के उसी सपने को बेटी ने अपना जुनून बना लिया। लेकिन यह उतना आसान नहीं था। यूपीएससी जर्नी के दौरान कई उतार-चढ़ाव आए। फिर भी उनके कदम नहीं डगमगाए।


कॉलेज की पढ़ाई के साथ शुरू की थी यूपीएससी की तैयारी

12वीं तक की पढ़ाई मुजफ्फरपुर से करने के बाद, हायर एजुकेशन की पढ़ाई के लिए प्राची दिल्ली चली गईं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कांलिंदी कॉलेज में एडमिशन लिया और भूगोल में बैचलर डिग्री हासिल की। दिल्ली में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। यूपीएससी में भूगोल उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट था।


UPSC ने तोड़ दिया था, नींद की गोलियां खाईं

प्राची बताती हैं कि यूपीएससी एग्जाम क्वालीफाई करने में चार साल और चार प्रयास लगे। शुरुआती तीन परीक्षाओं में वे यूपीएससी प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाई थीं। इसका सीधा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा। स्ट्रेस इतना बढ़ गया था कि नींद नहीं आती थी।

एक वीडियो इंटरव्यू में उन्होंने बताया, 'दूसरे और तीसरे अटेम्प्ट में भी नहीं हुआ तो काफी परेशान हो गई थी। लगा कि अब कुछ नहीं बचा और कॉन्फिडेंस पूरी तरह से टूट गया था। इतनी ज्यादा ओवरथिंकिंग करने लगी थी कि नींद नहीं आती थी। तब डॉक्टर से सलाह पर नींद की गोलियां लीं।' हालांकि वे बताती हैं कि उन्होंने सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही दवाई ली और लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं किया।


UPSC 4th अटेम्प्ट में पाई 28वीं रैंक, अब बनेंगी IAS ऑफिसर

बार-बार फेल होने के बाद भी उन्होंने कोशिश नहीं छोड़ी। कमियों को पहचाना, प्रिपरेशन का तरीका बदला और पढ़ाई जारी रखी। यूपीएससी सीएसई 2025 उनका चौथा मौका था, जिसमें उन्होंने पहली बार न सिर्फ प्रीलिम्स क्वालीफाई किया, बल्कि मेन्स और इंटरव्यू पास करके पूरे देश में 28वीं रैंक हासिल की। इसी दौरान प्राची ने बीपीएससी 69वीं परीक्षा में 92वीं रैंक हासिल की थी, लेकिन जॉइन नहीं किया। क्योंकि उनका लक्ष्य यूपीएससी था।


यूपीएससी एस्पिरेंट्स को बताया-कौन सी गलती न करें

एक इंटरव्यू में प्राची ने यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह देते हुए बताया है कि कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए।

  • PYQs का गलत इस्तेमाल: प्राची बताती हैं कि पहले उन्होंने पिछले वर्षों के क्वेश्चन पेपर्स को ऊपर-ऊपर से पढ़ा था। वो कहती हैं कि एस्पिरेंट्स को यह गलती नहीं करनी चाहिए। यूपीएससी के सवालों के पैटर्न, थीम और सवालों के पीछे के तर्क को गहराई से समझना चाहिए।
  • सेल्फ कॉन्फिडेंस खोना: तीन अटेम्प्ट में फेल होने की वजह से सब कुछ जानने के बाद भी प्राची का अपनी तैयारी से भरोसा उठने लगा था। उनकी सलाह है कि एस्पिरेंट्स को सेल्फ कॉन्फिडेंस खोने की गलती नहीं करनी चाहिए। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें, वरना एग्जाम हॉल के दबाव की वजह से इसका सही इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
  • प्लान बी न होना: उनकी सलाह है कि यूपीएससी एस्पिरेंट्स को प्लान बी भी ध्यान में रखना चाहिए। प्राची को बीपीएससी क्लियर करने के बाद अपना खोया कॉन्फिडेंस वापस मिला था। जिसकी वजह से वे यूपीएससी के चौथे प्रयास में काफी रिलैक्स्ड थीं।
  • फिजिकल और मेंटल हेल्थ इग्नोर करना: प्राची का मानना है कि पढ़ाई के दौरान फिजिकल और मेंटर हेल्थ बहुत जरूरी है। इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। परिवार और दोस्तों के टच में रहें। अपनी फीलिंग्स शेयर करें। हो सके तो डायरी लिख सकते हैं।

(All Photos Credit: Insta/prach_ihoney)


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