कोलकाता : पश्चिम बंगाल पुलिस की FIR के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े गिरफ्तार आतंकी संदिग्ध हमीम मंडल, विदेश से चलाए जा रहे सोशल मीडिया और WhatsApp अकाउंट के ज़रिए कई हैंडलर्स के संपर्क में था।
राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स ने इस आतंकी संदिग्ध को दो दिन पहले बंगाल के पुरबा बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया था। अधिकारियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान से जुड़ा एक आतंकवादी है, जो कथित तौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर अशांति फैलाना चाहता था। FIR में छह सोशल मीडिया अकाउंट और WhatsApp नंबरों का जिक्र है।
+92 से शुरू होने वाला एक नंबर 'राना' चलाता था। +92 से शुरू होने वाला एक और नंबर 'C9Uzhair' नाम से चलाया जाता था। +1 (279....8) वाला अमेरिकी नंबर 'आबिद जट्ट' चलाता था। इसके अलावा, US, UK और मैक्सिको के फोन नंबर -- जो +44 7......4, +44 .....3, और +52 से शुरू होते थे -- हामिद के नाम से चलाए जाते थे।
हमीम की गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार भी अरेस्ट
FIR में Element X अकाउंट @ranabhai:matrix.org का भी ज़िक्र है, जिसे पाकिस्तान से चलाया जा रहा था। हमीम मंडल की गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को भी शुक्रवार को झारखंड में गिरफ्तार किया गया। यह कपल कथित तौर पर राज्य के मंत्री उमेश राय के बेटे को अगवा करने और उनके परिवार से पैसे ऐंठने की साजिश रच रहा था।पुलिस ने बताया कि अर्पिता को अच्छी तरह पता था कि वह क्या कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी इस कपल की एन्क्रिप्टेड चैट्स को डिकोड करने और किसी भी विदेशी फंडिंग की जांच करने पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि बातचीत WhatsApp, Telegram, Element X और Session के जरिए होती थी। शक है कि ये हैंडल पाकिस्तान के शहज़ाद भट्टी गैंग से जुड़े हैं। इनके ज़रिए कट्टरपंथी प्रोपेगैंडा फैलाया जाता था और युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए उन्हें निशाना बनाया जाता था। इन पाकिस्तानी हैंडल ने ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्ड का भी इस्तेमाल किया।
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स
FIR के मुताबिक, आरोपी और उसके साथी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के साथ मिलकर जासूसी का नेटवर्क चला रहे थे। यह नेटवर्क स्थानीय लोगों को भर्ती करने, उनके लिए हथियार का इंतज़ाम करने, बड़ी हस्तियों और अहम ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने और भारत में दूसरे गंभीर आपराधिक काम करने में शामिल था। FIR में कहा गया है कि इन गतिविधियों का मकसद कानून-व्यवस्था बिगाड़ना, राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना और भारत की संप्रभुता, अखंडता और एकता को खतरे में डालना था।केस के दस्तावेजों से पता चलता है कि पुलिस ने हमीम मंडल के मोबाइल फोन से उसके हैंडलर्स के साथ हुई आपत्तिजनक बातचीत बरामद की है। अर्पिता सरकार को कथित तौर पर हनी ट्रैप के ज़रिए पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी के ऑफिस तक पहुंच बनाने का काम सौंपा गया था। इसके बाद, सुवेंदु अधिकारी की हत्या की योजना बनाना अगला काम था।
एक अधिकारी ने बताया कि वे शहज़ाद भट्टी गैंग से जुड़े पाकिस्तानी हैंडलर्स के कहने पर काम कर रहे थे। STF को पता चला है कि मंडल सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथी बन गया था। हमीम मंडल और सरकार की पहली मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी और वे चार साल से रिलेशनशिप में थे।

