Nandurbar Liquor Business: आयकर विभाग की टीडीएस विंग ने शराब तस्करों के बाद अब बड़े कर चोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नासिक और जलगांव की संयुक्त आयकर टीम ने नंदुरबार के रसूखदार शराब व्यापारी सदानंद पृथ्वीराज झरवार के प्रतिष्ठानों त्रिमूर्ति ट्रेडर्स और पूर्वी मार्केटिंग पर अचानक सर्वे कार्रवाई की।
सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये के टर्नओवर के पीछे छिपी बड़ी टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है।
55 करोड़ की बिक्री, लेकिन टैक्स नहीं
जांच के दौरान आयकर अधिकारियों को चालू वित्त वर्ष में करीब 55 करोड़ रुपये की शराब बिक्रीसे जुड़े दस्तावेज मिले। नियमों के अनुसार, इस बिक्री पर 1 प्रतिशत की दर से 55 लाख रुपये टीसीएस (TCS) के रूप में सरकारी खजाने में जमा करना अनिवार्य था। लेकिन कारोबारी ने कथित तौर पर रिकॉर्ड में हेराफेरी कर यह राशि सरकार को जमा नहीं की थी।
दबाव में आकर मौके पर जमा कराए 55 लाख
संयुक्त आयकर आयुक्त (नासिक रेंज) के मार्गदर्शन में सघन पूछताछ के बाद कारोबारी ने अपनी गलती स्वीकार की। आयकर विभाग के दबाव के चलते व्यापारी ने तुरंत 55 लाख रुपये का चेक विभाग को सौंप दिया। इसके अलावा, पिछले वर्षों के करीब 50 लाख रुपये के बकाया कर का भुगतान करने के लिए कारोबारी ने 15 दिनों का समय मांगा है।
नियमों की अनदेखी पड़ेगी महंगी
जलगांव के आयकर अधिकारी मनु भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि टीडीएस और टीसीएस नियमों का उल्लंघनकरने वालों पर विभाग की पैनी नजर है। उन्होंने सभी व्यापारियों से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

