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मुजफ्फरनगर सर्राफा बाजार बंद, गैंगस्टर कार्रवाई पर बवाल

मुजफ्फरनगर में बुधवार को सर्राफा कारोबार पूरी तरह थम गया। वजह बनी शाहपुर थाना पुलिस की वह गैंगस्टर कार्रवाई, जिसके विरोध में जिला सर्राफा एसोसिएशन के नेतृत्व में व्यापारी सड़क पर उतर आए।

बाजार बंद कर धरना दिया गया, नारे लगे और साफ चेतावनी दी गई कि मुकदमे वापस नहीं हुए तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

यह विरोध दो युवकों तुषार वर्मा और वंश वर्मा के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई को लेकर था। व्यापारियों का कहना है कि दोनों को गलत तरीके से निशाना बनाया गया है। उनके मुताबिक इन दोनों पर पहले केवल अवैध तमंचा बरामदगी का एक पुराना मामला दर्ज था, जिसमें वे जेल भी जा चुके हैं। अब उसी पृष्ठभूमि में गैंगस्टर की नई कार्रवाई ने सर्राफा कारोबारियों को खुलकर सड़क पर ला दिया है।

बुधवार सुबह से ही सर्राफा बाजार में दुकानें नहीं खुलीं। जिला सर्राफा एसोसिएशन के आह्वान पर व्यापारी इकट्ठा हुए और धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। कारोबारियों का गुस्सा सिर्फ मुकदमा दर्ज होने तक सीमित नहीं दिखा, बल्कि यह संदेश भी साफ था कि वे इसे अपने पूरे व्यापारिक समुदाय के खिलाफ दबाव बनाने वाली कार्रवाई मान रहे हैं।

व्यापारियों का आरोप है कि तुषार वर्मा सर्राफा बाजार में ओम ज्वेलर्स पर बैठता है, जबकि वंश वर्मा भी इसी बाजार से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि दोनों युवकों को लंबे समय से पुलिस परेशान कर रही थी और आखिरकार उन्हें गैंगस्टर एक्ट के तहत फंसा दिया गया।

जिला सर्राफा एसोसिएशन के मंत्री स्वराज वर्मा ने खुलकर कहा कि पुलिस बेवजह युवकों को फंसाने और झूठे मुकदमे दर्ज करने का काम कर रही है। उनका दावा है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे यह साबित किया जा सकता है कि युवकों को घर से उठाया गया था। यह आरोप इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि यही बिंदु पूरे विवाद का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन गया है।

व्यापारियों के मुताबिक पुलिस का दावा है कि दोनों युवकों को जंगल से पकड़ा गया। यहीं से मामला और उलझ गया है। एक तरफ पुलिस का यह कथित पक्ष है, दूसरी तरफ व्यापारी घर से उठाए जाने की बात कह रहे हैं। दोनों दावों के बीच सच्चाई क्या है, यही अब सबसे बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।

धरने में शामिल व्यापारियों ने साफ कहा कि जब तक दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

व्यापारियों का कहना है कि दोनों युवकों पर पहले जो मामला था, वह करीब एक साल पुराना अवैध तमंचा बरामदगी से जुड़ा था। उनका तर्क है कि उस मामले में न्यायिक प्रक्रिया हो चुकी है, जेल भी हो चुकी है, फिर अब गैंगस्टर एक्ट की नई कार्रवाई क्यों की गई। यही सवाल बार-बार धरने में उठता रहा।

इसी बीच सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और व्यापारियों से वार्ता की। पुलिस ने उनका ज्ञापन भी लिया। इसके बाद धरना समाप्त करा दिया गया। इस संबंध में सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि मौके पर पहुंचकर व्यापारियों से बातचीत की गई।

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