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Ayodhya : राम मंदिर चढ़ावा गबन केस में SIT ने जांच बढ़ाई , आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ जारी

Ayodhya : राम मंदिर चढ़ावा गबन केस में SIT ने जांच बढ़ाई , आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ जारी

Network10 2 weeks ago

योध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गबन के मामले की जांच अब और तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मंदिर परिसर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।

जांच को व्यापक और निष्पक्ष तरीके से पूरा करने के लिए SIT को 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है ताकि मामले के हर पहलू की गहन जांच हो सके और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।

इधर, उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से अयोध्या स्थित स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान अयोध्या के क्षेत्राधिकारी (CO) आशुतोष तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। राम मंदिर के चढ़ावे की गणना से जुड़े रहे अविनाश शुक्ला को अयोध्या की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। इससे पहले 28 जून को क्षेत्राधिकारी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अविनाश शुक्ला के आवास पर पहुंचकर पूछताछ की थी और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए थे।

25 जून को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित गबन को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद यह विवाद सामने आया था। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर दर्ज इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, टिन्नू यादव, मनीष यादव समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है।

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब अयोध्या से पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे से लगभग 7 से 7.5 करोड़ रुपये की धनराशि का गबन किया गया है। 29 जून को अयोध्या की एक अदालत ने इस मामले में नामजद सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, विवाद के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

पुलिस चंपत राय का बयान दर्ज कर चुकी है, जबकि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर अनिल मिश्रा सहित ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। SIT और पुलिस दोनों की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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