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चंद्रिमा भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट के बंगाल प्रमुख पद से इस्तीफा दिया

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट के बंगाल प्रमुख पद से इस्तीफा दिया

News Aroma 3 months ago

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट को एक और झटका उस समय लगा, जब पार्टी की बंगाल प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी की विधानसभा चुनाव में हार के बाद भट्टाचार्य को संगठन की अहम जिम्मेदारी सौंपे जाने के बमुश्किल एक महीने बाद ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया।

तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में भट्टाचार्य ने पार्टी में अपने सभी अन्य पदों से भी इस्तीफा दे दिया, जिससे यह अटकलें शुरू हो गईं कि क्या उन्होंने असल में ममता बनर्जी खेमे से अपने सभी संबंध तोड़ लिये हैं। ममता बनर्जी की पिछली सरकार में मंत्री रहीं भट्टाचार्य ने वित्त और स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों में मंत्री के तौर पर काम किया था और वह पार्टी की महिला शाखा की प्रमुख नेता भी थीं।

भट्टाचार्य ने अलग-अलग बैंकों में पार्टी के खातों के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और निर्वाचन आयोग के सामने पेश होने के लिए ममता बनर्जी की अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर भी अपना नाम वापस ले लिया। ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पांच जून को हुई तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में भट्टाचार्य को वरिष्ठ नेता सुब्रत बख्शी की जगह पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। भट्टाचार्य को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है और वह लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस प्रमुख की सहयोगी रहीं। बनर्जी को संबोधित अपने इस्तीफे में भट्टाचार्य ने कहा, ''आखिर में, मैं यह कहना चाहूंगी कि मेरे मन में आपके लिए बहुत सम्मान है और मैं हमेशा आपका सम्मान करती रहूंगी।'' बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह फैसला बनर्जी की फोन पर लगाई गई उस फटकार के बाद लिया, जिसमें बनर्जी ने उन पर कोलकाता में पार्टी मुख्यालय 'तृणमूल भवन' पर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले पार्टी के बागी गुट का कब्जा होने देने का आरोप लगाया था। जब शुक्रवार को ऋतब्रत के नेतृत्व वाला बागी गुट 'तृणमूल भवन' पहुंचा, तो भट्टाचार्य अपने कार्यालय में मौजूद थीं, लेकिन वह जल्द ही वहां से चली गईं।

भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कहा, ''जब उन्होंने (ममता बनर्जी) मुझे यह कहने के लिए फोन किया कि मैंने पार्टी कार्यालय उन्हें (बागी गुट) सौंप दिया है, तो मुझे बहुत दुख हुआ। यह स्पष्ट है कि मेरी निष्ठा और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए गए हैं। अतीत में ऐसा कभी नहीं हुआ था। ऐसे में मेरे लिए पार्टी में बने रहने या इसमें वापस लौटने का कोई कारण नहीं है।'' कुछ ही देर बाद, भट्टाचार्य को राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के कक्ष में बागी गुट के नेताओं के साथ बैठक करते देखा गया। विधानसभा द्वार पर विपक्ष के उप नेता और बागी गुट के प्रमुख सदस्य संदीपन साहा ने भट्टाचार्य का स्वागत किया। तृणमूल विधायक और ममता के करीबी कुणाल घोष ने भट्टाचार्य पर तंज कसते हुए कहा, ''जो घटनाक्रम अभी-अभी हुआ है, उस पर मैं विस्तार से कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि जब ममता बनर्जी ने उन्हें सरकार में अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी थी, तब उनके (भट्टाचार्य के) आत्म-सम्मान को कभी ठेस नहीं पहुंची थी। यह बात पार्टी के चुनाव हारने के बाद ही सामने आई है।''

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