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जेपीएससी की विवादित परीक्षा की सीबीआई जांच हो : आजसू

जेपीएससी की विवादित परीक्षा की सीबीआई जांच हो : आजसू

News Aroma 3 weeks ago

Jharkhand Competitive Exams : अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा कहा है कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार गंभीर सवालों के घेरे में है। जेपीएससी की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उनके परिणामों ने लाखों अभ्यर्थियों के मन में गहरा अविश्वास पैदा किया है।

वर्तमान परिस्थितियों में जेपीएससी योग्यता और निष्पक्ष चयन का माध्यम बनने के बजाय अव्यवस्था, अपारदर्शिता और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का प्रतीक बनता जा रहा है।

हालिया सिविल सेवा परीक्षा में 103 पदों के विरुद्ध 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया गया, लेकिन आज तक कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए। इतना ही नहीं, मेरिट सूची पर आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं होने से पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

इसी प्रकार बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होने से पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। यह कोई सामान्य प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा गंभीर अन्याय है।

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं अब प्रतिभा की नहीं, बल्कि अनिश्चितता, भ्रम और मानसिक प्रताड़ना की परीक्षा बन गई हैं। वर्षों तक परीक्षाएं आयोजित नहीं होतीं और जब परिणाम आते हैं तो वे विवादों में घिर जाते हैं। कभी मॉडल उत्तर-पुस्तिका पर सवाल उठते हैं, कभी कटऑफ सार्वजनिक नहीं किया जाता, कभी मेरिट सूची पर आवश्यक हस्ताक्षर नहीं होते और कभी सैकड़ों अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड ही संदिग्ध हो जाते हैं।

ओएमआर शीट के मूल्यांकन में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जिनमें किसी अभ्यर्थी को प्रथम प्रश्नपत्र में 100 में से 48 अंक प्राप्त हुए, जबकि सफल होने के लिए दूसरे प्रश्नपत्र में 100 में से 97 अंक प्राप्त करना आवश्यक हो जाता है। परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति अत्यंत असामान्य और संदेहास्पद है। इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं।इन परिस्थितियों को देखते हुए आजसू मांग करती है कि

जेपीएससी की हालिया पीटी पूरी परीक्षा प्रक्रिया एवं हालिया विवादित परिणामों की सीबीआई जांच कराई जाए।

सभी परीक्षाओं के कटऑफ, मेरिट निर्धारण की प्रक्रिया, मूल्यांकन प्रणाली एवं ओएमआर मूल्यांकन का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।

राज्य के सभी प्रतियोगी छात्रों से अपील है कि यह संघर्ष किसी एक परीक्षा या एक बैच का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों का प्रश्न है। सभी छात्र लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं।

अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) प्रत्येक उस छात्र के साथ मजबूती से खड़ी है, जिसके भविष्य के साथ सरकार और जेपीएससी द्वारा अन्याय किया गया है। आजसू युवाओं के अधिकार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष चयन सुनिश्चित कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

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