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'मन की बात' के 134वें एपिसोड में पीएम मोदी ने समाज सेवा, जल संरक्षण, खेल और पारंपरिक भारतीय पेयों पर की चर्चा

'मन की बात' के 134वें एपिसोड में पीएम मोदी ने समाज सेवा, जल संरक्षण, खेल और पारंपरिक भारतीय पेयों पर की चर्चा

News Aroma 1 week ago

यी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में समाज सेवा, जल संरक्षण, खेल, भीषण गर्मी से बचाव और भारत में आम की विविधता सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से समाजहित के कार्यों में अधिक से अधिक भागीदारी करने और सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के लिए अच्छा कार्य कर रहे लोगों की पहचान, सराहना और उनसे सीखना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि नागरिकों को संभव हो तो किसी न किसी सामाजिक कार्य का हिस्सा अवश्य बनना चाहिए, क्योंकि निस्वार्थ सेवा की कहानियां समाज को प्रेरित करती हैं।

गर्मी के मौसम का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में मिलने वाले आमों की विविधता पर प्रकाश डाला। उन्होंने महाराष्ट्र और कोंकण के हापुस (अल्फांसो), गुजरात के केसर, उत्तर प्रदेश के दशहरी और काशी के लंगड़ा आम की विशेष पहचान का उल्लेख करते हुए किसानों के योगदान की सराहना की।

भीषण गर्मी से बचाव के उपाय बताते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, धूप में सतर्क रहने और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक पेयों का भी उल्लेख किया। इनमें उत्तर भारत का आम पन्ना, पंजाब-हरियाणा की लस्सी, राजस्थान-गुजरात की छाछ, बिहार-झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सत्तू शरबत, कोंकण-गोवा का कोकम शरबत और सोलकढ़ी, तथा दक्षिण भारत के पनकम, नीर मोर और सांबरम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पेय न केवल गर्मी से राहत देते हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में हो रहे सामुदायिक प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने नदियों, तालाबों और कुओं के पुनर्जीवन को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनभागीदारी को भी मजबूत करते हैं।

खेलों के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने झारखंड के रांची में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बने चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड की प्रशंसा की। उन्होंने गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार सहित कई खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, कृषि और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामान्य नागरिक देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने जनभागीदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक एकता को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

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