NCERT Deemed University : केंद्र सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए NCERT को 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा प्रदान कर दिया है। यह निर्णय University Grants Commission अधिनियम 1956 की धारा-3 के तहत लिया गया है, जिससे संस्थान को उच्च शिक्षा प्रदान करने का अधिकार मिल गया है।
अब तक स्कूली पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने तक सीमित रहा NCERT, अब डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी जैसे कोर्स भी शुरू कर सकेगा। यह कदम National Education Policy 2020 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दरअसल, NCERT ने 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा पाने के लिए UGC के पास आवेदन किया था। वर्ष 2023 में UGC ने कुछ शर्तों के साथ 'लेटर ऑफ इंटेंट' जारी किया था और तीन वर्षों के भीतर मानकों को पूरा करने का समय दिया था। अब सभी आवश्यक शर्तें पूरी होने के बाद इसे औपचारिक मान्यता मिल गई है।
इस नए दर्जे के तहत NCERT के छह प्रमुख संस्थान शामिल किए गए हैं, जिनमें क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर और शिलांग के साथ भोपाल स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान भी शामिल है।
हालांकि, 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' बनने के बावजूद NCERT को UGC के सभी नियमों और मानकों का पालन करना होगा। कोर्स, एडमिशन प्रक्रिया, सीटों की संख्या और फीस संरचना UGC के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।
इस फैसले से देश में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। अब NCERT शिक्षक प्रशिक्षण के साथ-साथ उच्च स्तरीय रिसर्च और नीति निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार को नई दिशा मिल सकती है।

