रांची : पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट की ओर से बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
संत शिरोमणि परमहंस स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन विशेष पूजा-अर्चना से हुआ। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान का स्मरण करते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सामूहिक आरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भक्ति भाव से आरती में भाग लिया। घंटियों की मधुर ध्वनि और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।इस पावन अवसर पर श्री राधा रानी का विशेष एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। श्री राधा रानी को श्वेत पोशाक एवं जड़ित आभूषणों से सुसज्जित किया गया। उनकी मनोहारी छवि के दर्शन, मंदिर का दिव्य एवं शांत वातावरण सभी के मन को आनंदित कर रहा था।मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई तथा भगवान को विशेष भोग अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने पुष्प, फल एवं प्रसाद अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु प्रार्थना की।
पूजा के दौरान भक्तों ने शांति, करुणा और सद्भावना का संदेश ग्रहण किया।कार्यक्रम में श्री कृष्ण प्रणामी महिला समिति की महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मधुर भजनों और कीर्तन से उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए तथा सभी ने सामूहिक रूप से प्रभु स्मरण किया।धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच वेजिटेबल खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से जुड़ा पावन दिवस है।यह पर्व सत्य, अहिंसा, करुणा, दया और मानवता का संदेश देता है। भगवान बुद्ध ने संसार को मध्यम मार्ग, शांति और प्रेम का मार्ग दिखाया,जो आज भी मानव समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों,आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं। प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में मनाई गई बुद्ध पूर्णिमा श्रद्धा, भक्ति, शांति और सद्भाव का प्रेरणादायक पर्व बनकर सभी के हृदय में विशेष स्थान बना गई।

