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34 साल बाद अमेरिका की सबसे सस्ती स्पिरिट एयरलाइंस का संचालन बंद; ईंधन कीमतों ने डुबोया कारोबार

34 साल बाद अमेरिका की सबसे सस्ती स्पिरिट एयरलाइंस का संचालन बंद; ईंधन कीमतों ने डुबोया कारोबार

वैश्विक विमानन उद्योग और बजट यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका देते हुए अमेरिका की सबसे सस्ती स्पिरिट एयरलाइंस ने अपने सभी परिचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा कर दी है। कंपनी ने 2 मई से संगठित तरीके से कारोबार समेटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अंतिम समय में 50 करोड़ डॉलर (500 मिलियन डॉलर) का सरकारी राहत पैकेज पाने में असफल होने के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया।

कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "यह हमारे लिए बेहद निराशाजनक है कि 2 मई से हमने अपने संचालन को व्यवस्थित रूप से बंद करना शुरू कर दिया है। सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और ग्राहक सेवा भी बंद कर दी गई है।" एयरलाइन ने यात्रियों से एयरपोर्ट न आने की अपील की है। यह बंदी भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे लागू हुई।

फ्लोरिडा स्थित इस एयरलाइन की शुरुआत 1992 में हुई थी और यह अपने सस्ते किराए तथा 'नो-फ्रिल्स' मॉडल के लिए जानी जाती थी। सीट, सामान और अन्य सुविधाओं के लिए अलग शुल्क लेकर इसने अमेरिका में बजट यात्रा को नया रूप दिया था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से कंपनी लगातार वित्तीय संकट से जूझ रही थी। 2024 के बाद से दो बार दिवालिया प्रक्रिया, असफल विलय प्रयास और हालिया भू-राजनीतिक तनावों के कारण बढ़ी ईंधन कीमतों ने स्थिति को और खराब कर दिया।

कंपनी ने कहा कि उसने वित्तीय स्थिति सुधारने और पुनर्गठन के लिए व्यापक प्रयास किए, लेकिन पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के चलते तेल की कीमतों में अचानक और लगातार वृद्धि ने उसके भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया। कंपनी के अनुसार, "कारोबार को जारी रखने के लिए सैकड़ों मिलियन डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की जरूरत थी, जो उपलब्ध नहीं हो सकी।"

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने कंपनी को 500 मिलियन डॉलर की सहायता देने का प्रस्ताव रखा था, जिसके बदले सरकार बड़ी हिस्सेदारी चाहती थी। हालांकि, अंतिम समय में यह बातचीत विफल हो गई और एयरलाइन के पास संचालन जारी रखने का कोई विकल्प नहीं बचा।

इस अचानक बंदी से हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं और लाखों की भविष्य की टिकटें बेकार हो गई हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह अन्य एयरलाइंस में रीबुकिंग की सुविधा नहीं देगी। जिन यात्रियों ने सीधे टिकट खरीदी है, उन्हें स्वचालित रिफंड मिलेगा, जबकि एजेंट के जरिए बुकिंग करने वालों को अपने एजेंट से संपर्क करना होगा।

फ्रीक्वेंट फ्लायर प्रोग्राम से जुड़े यात्रियों के पॉइंट्स का भविष्य भी अनिश्चित है। रोजगार के मोर्चे पर, इस फैसले से करीब 17,000 लोगों की नौकरी प्रभावित होने वाली है, जिनमें 14,000 प्रत्यक्ष कर्मचारी और हजारों कॉन्ट्रैक्ट वर्कर शामिल हैं। यूनियन प्रतिनिधियों ने इसे हमारे जीवन की सबसे कठिन खबर बताया है।

स्पिरिट एयरलाइंस अमेरिका के 70 से अधिक शहरों में सेवाएं देती थी, साथ ही कैरेबियन और लैटिन अमेरिका के कुछ रूट्स पर भी उड़ान भरती थी। इसके बंद होने से कई रूट्स पर प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, जिससे सस्ते किराए में बढ़ोतरी की आशंका है।

कुछ प्रमुख अमेरिकी एयरलाइंस जैसे जेटब्लू और फ्रंटियर ने सीमित रेस्क्यू फेयर देने और प्रभावित कर्मचारियों को नौकरी के अवसर देने के संकेत दिए हैं। हालांकि, लंबे समय में इसका असर टिकट कीमतों और रूट उपलब्धता पर पड़ सकता है। करीब 25 वर्षों में यह अमेरिका की पहली बड़ी एयरलाइन है जिसने पूरी तरह संचालन बंद किया है। इस घटनाक्रम ने बढ़ती ईंधन कीमतों और आर्थिक दबाव के बीच सस्ती एयरलाइन मॉडल की स्थिरता पर के भविष्य पर सवाल छोड़े है।

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