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बिंदी विवाद के बाद लेंसकार्ट का नया स्टाइल गाइड जारी

बिंदी विवाद के बाद लेंसकार्ट का नया स्टाइल गाइड जारी

सभी धार्मिक प्रतीकों को दी अनुमति

ईवियर कंपनी लेंसकार्ट ने हाल ही में हिंदू समाज द्वारा आक्रोश के बाद अपना संशोधित "ग्रूमिंग और स्टाइल गाइड" जारी किया है। कंपनी ने शनिवार (18 अप्रैल) को नई नीति लागू करते हुए स्पष्ट किया कि अब सभी धर्मों के प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, हिजाब और पगड़ी को कार्यस्थल पर अनुमति दी जाएगी।

बता दें की इससे पहले लेंसकार्ट में हिंदू प्रतीकों जैसे कलावा और बिंदी लगाने पर पाबंदी थी।

दरअसल कंपनी का एक आंतरिक दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। जिसमें केवल हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर पाबंदी थी, जबकि हिजाब जैसे कट्टरपंथी इस्लामी पहनावे को अनुमति दी गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ धार्मिक पक्षपात के आरोप लगे और बहिष्कार की मांग तक उठने लगी। विवाद के बीच लेंसकार्ट के सीईओ और 'शार्क टैंक इंडिया' के जज पीयूष बंसल ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज पुराना और आंतरिक प्रशिक्षण नोट था। हालांकि लेंसकार्ट के पूर्व कर्मचारियों ने पुष्टी कर बताया की यह गाइडलाइन लंबे समय से जारी रही है।

पीयूष बंसल ने स्वीकार किया कि दस्तावेज में "गलत भाषा" का इस्तेमाल हुआ था। उन्होंने कहा, "मुझे यह पहले ही पकड़ लेना चाहिए था… संस्थापक और सीईओ के तौर पर ऐसी चूकों की जिम्मेदारी मेरी है।" उन्होंने यह भी बताया कि इस आपत्तिजनक लाइन को 17 फरवरी 2025 को आंतरिक रूप से हटा दिया गया, लेकिन पुरानी सामग्री के कारण यह फिर से सामने आ गई। पीयूष बंसल द्वारा 17 फरवरी तक चली गाइडलान बताती है की हिंदू प्रतीकों पर कंपनी में लंबे समय तक पाबंदी थी।

लेंसकार्ट द्वारा जारी 2026 के नए स्टाइल गाइड में कार्यस्थल पर विविधता और सांस्कृतिक पहचान को महत्व दिया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कर्मचारी बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र और कड़ा जैसे प्रतीक पहन सकते हैं। साथ ही, अन्य धर्मों के प्रतीकों जैसे हिजाब, पगड़ी और क्रॉस को भी पहले की तरह अनुमति दी गई है।

कंपनी ने उचित समायोजन का प्रावधान भी जोड़ा है, जिसके तहत कर्मचारी अपनी धार्मिक या सांस्कृतिक जरूरतों को लेकर एचआर या प्रबंधन से खुलकर बात कर सकते हैं।

कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, अगर हमारे कार्यस्थल संचार के किसी भी संस्करण से किसी को ठेस पहुंची है… तो हमें गहरा अफ़सोस है और यह भी दोहराया कि विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

बता दें की, लेंसकार्ट के देशभर में 2,400 से अधिक स्टोर हैं और हाल ही में कंपनी का मूल्यांकन करीब 5.6 अरब डॉलर तक पहुंचा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कंपनी ने अपनी नीतियों में पारदर्शिता और समावेशिता पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह के विवादों से बचा जा सके।

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