Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
CDS जनरल अनिल चौहान ने जारी की 'जॉइंट एयर डिफेंस डॉक्ट्रिन'; भारत की नई संयुक्त वायु रक्षा नीति

CDS जनरल अनिल चौहान ने जारी की 'जॉइंट एयर डिफेंस डॉक्ट्रिन'; भारत की नई संयुक्त वायु रक्षा नीति

लसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय पर जोर; ड्रोन, हाइपरसोनिक हथियारों और आधुनिक खतरों से निपटने की तैयारी होगी मजबूत

भारत की सैन्य आधुनिकीकरण प्रक्रिया को नई दिशा देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने नई जॉइंट एयर डिफेंस डॉक्ट्रिन जारी की है।

नई दिल्ली में जारी इस महत्वपूर्ण सैन्य दस्तावेज को भारतीय सशस्त्र बलों के बीच संयुक्त संचालन क्षमता और बेहतर समन्वय की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे भारत की रक्षा संरचना के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। नई डॉक्ट्रिन का उद्देश्य देश की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना है ताकि बदलते युद्धक्षेत्र और उभरते खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह दस्तावेज थलसेना, नौसेना और वायुसेना के वायु रक्षा संसाधनों को एकीकृत ढांचे में संचालित करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से तीनों सेनाओं के बीच सूचना साझाकरण, रणनीतिक योजना और संचालन में बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा।

यह पहल जनरल अनिल चौहान द्वारा संयुक्त सैन्य संचालन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की अगली कड़ी मानी जा रही है। इससे पहले अगस्त 2025 में उन्होंने जॉइंट डॉक्ट्रिन फॉर स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशंस और जॉइंट डॉक्ट्रिन फॉर एयरबोर्न एंड हेलिबोर्न ऑपरेशंस जारी की थी। इन दोनों दस्तावेजों का विमोचन मध्य प्रदेश के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित ट्राई सर्विस सेमिनार के दौरान किया गया था।

नई जॉइंट एयर डिफेंस डॉक्ट्रिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आधुनिक युद्धों में हवाई खतरों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। स्टैंड-ऑफ हथियारों, ड्रोन, स्वायत्त प्रणालियों और हाइपरसोनिक मिसाइलों जैसे उभरते खतरों के बीच तेज प्रतिक्रिया क्षमता और संयुक्त कमांड संरचना की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

डॉक्ट्रिन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि वायु रक्षा प्रणाली केवल उपकरणों का समूह न होकर एक समन्वित नेटवर्क के रूप में कार्य करे, जिसमें सेंसर से लेकर हथियार प्रणाली तक सभी घटक एक-दूसरे से रीयल-टाइम में जुड़े हों। इससे किसी भी खतरे की पहचान और उसके जवाब में कार्रवाई का समय कम किया जा सकेगा।

इस वर्ष पश्चिमी वायु कमान द्वारा आयोजित ऑल डोमेन जॉइंट ऑपरेशंस (ADJO) कॉन्क्लेव में भी संयुक्त युद्धक क्षमता के महत्व को रेखांकित किया गया था। सम्मेलन में थलसेना, नौसेना, वायुसेना, रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी और रक्षा खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न युद्ध क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय, इंटरऑपरेबिलिटी और एकीकृत निर्णय प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया था।

इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर से प्राप्त अनुभवों का भी उल्लेख किया गया, जिसमें वायु शक्ति की निर्णायक भूमिका और जमीनी अभियानों के साथ उसके समन्वय की आवश्यकता को महत्वपूर्ण माना गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक संघर्षों में केवल एक सैन्य शाखा के बल पर सफलता संभव नहीं है, बल्कि बहु-क्षेत्रीय (Multi-Domain) संचालन ही भविष्य की युद्ध रणनीति का आधार बनेगा।

नई डॉक्ट्रिन का एक प्रमुख उद्देश्य योजना निर्माण, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और सैन्य क्षमताओं के प्राथमिकता निर्धारण के लिए स्थायी संयुक्त तंत्र विकसित करना भी है। इससे तीनों सेनाओं के संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा और रणनीतिक तैयारियों को नई मजबूती मिलेगी।

जनरल अनिल चौहान लंबे समय से भारतीय सशस्त्र बलों में थिएटराइजेशन और संयुक्त कमांड संरचना की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर जोर देते रहे हैं। थिएटर कमांड व्यवस्था के तहत तीनों सेनाओं को अलग-अलग कार्य करने के बजाय एकीकृत ढांचे में संचालित करने की योजना पर काम चल रहा है। नई जॉइंट एयर डिफेंस डॉक्ट्रिन को इसी व्यापक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है।

इस नई नीति के जरिए भारत ने भविष्य के युद्धों की चुनौतियों के अनुरूप अपनी सैन्य रणनीति को और अधिक आधुनिक, लचीला और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

चीन को अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी, "कोई भी देश एशिया-प्रशांत पर वर्चस्व नहीं थोप सकता"

कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की तैयारी तेज; सिद्धारमैया ने बेटे के लिए कैबिनेट में मांगी जगह

स्विट्जरलैंड के रेलवे स्टेशन पर चाकू से हमला, 'अल्लाहु अकबर' चिल्लाते हुए 3 लोगों को किया घायल

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: News Danka Hindi