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हार मान चुकीं विद्या बालन को फोन ने दिलाई 'परिणीता' पहचान​!

हार मान चुकीं विद्या बालन को फोन ने दिलाई 'परिणीता' पहचान​!

जिसने उनकी किस्मत बदल दी। विद्या ने उस यादगार पल को साझा करते हुए बताया, जब उन्हें अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म 'परिणीता' मिली थी।

दिग्गज अभिनेत्री सिमी ग्रेवाल के चर्चित चैट शो 'रेन्जेव्यू विद सिमी ग्रेवाल' में बातचीत के दौरान विद्या बालन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया।

उन्होंने कहा, "उस समय मैं कई ऑडिशन दे चुकी थी और धीरे-धीरे मुझे लगने लगा था कि शायद यह फिल्म भी मेरे हाथ से निकल जाएगी। ऐसे में मैंने उम्मीद लगभग छोड़ दी थी।"

विद्या ने बताया, "जिस दिन मेरी किस्मत बदलने वाली थी, उस दिन मैं मशहूर सिंगर एनरिक इग्लेसियस के कॉन्सर्ट में मौजूद थी। मैंने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा था ताकि कोई मुझे परेशान न करे। मेरे साथ मौजूद एक दोस्त, जो निर्देशक प्रदीप सरकार के साथ भी काम करता था, के पास अचानक दादा का फोन आया।"

विद्या ने उस पल को याद करते हुए आगे कहा, "दादा ने मेरे दोस्त से पूछा कि विद्या कहां है? क्या वह कॉन्सर्ट में है? उसने कहा कि हां, वह यहीं है। इसके बाद मैंने फोन लिया तो उन्होंने बताया कि मिस्टर चोपड़ा यानी विधु विनोद चोपड़ा आपसे बात करना चाहते हैं।"

विद्या ने कहा, "उस समय पूरा यकीन था कि मुझे यह बताने के लिए फोन किया गया है कि मैं फिल्म के लिए सेलेक्ट नहीं हो पाई हूं, क्योंकि मैं पहले ही कई ऑडिशन दे चुकी थी और हर बार रिजेक्ट हो जाती थी। हालांकि अगले ही पल जो शब्द मैंने सुने, उसने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी।"

विद्या ने बताया कि विधु विनोद चोपड़ा ने उनसे कहा, 'विद्या बालन, तुम ही मेरी परिणीता हो। मैं तुम पर भरोसा करता हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि तुम हमेशा हमारे इस भरोसे का सम्मान करोगी।"

गौरतलब है कि 'परिणीता', बांग्ला के मशहूर उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के 1914 में प्रकाशित इसी नाम के उपन्यास पर आधारित फिल्म थी। यह प्रदीप सरकार के निर्देशन में बनी पहली फिल्म भी थी।

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