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जब सरकार दमनकारी हों, तब अंबेडकर का संविधान ही बनता है ढाल : पवन खेड़ा!

जब सरकार दमनकारी हों, तब अंबेडकर का संविधान ही बनता है ढाल : पवन खेड़ा!

में पूरा भरोसा है कि इन दमनकारी सरकारों के खिलाफ एक निर्णायक जनादेश दिया जाएगा। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और हम सभी लगातार चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं|

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली पहुंचने पर समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। यह स्वागत ऐसे समय हुआ जब उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। यह जमानत असम पुलिस द्वारा दर्ज उस एफआईआर के मामले में दी गई, जो हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की शिकायत पर दर्ज की गई थी।

शिकायत में खेड़ा पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने रिंकी भुइयां सरमा के पास कई पासपोर्ट होने का दावा किया था। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सुप्रीम कोर्ट से मुझे जो राहत मिली है, वह बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान की वजह से है।

हमें पूरा भरोसा है कि इन दमनकारी सरकारों के खिलाफ एक निर्णायक जनादेश दिया जाएगा। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और हम सभी लगातार चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन वह कभी भी इसका जवाब देने की जहमत नहीं उठाता।"

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "संविधान हमेशा संकटमोचक बनकर सामने आता है। जब भी कोई व्यक्ति मुश्किल में होता है या किसी दमनकारी सरकार के खिलाफ लड़ रहा होता है, तो बी.आर. अंबेडकर का संविधान ही उसकी मदद करता है। सुप्रीम कोर्ट से मुझे जो राहत मिली है, वह भी इसी संविधान की वजह से है।"

उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने मुझे जमानत दी। उस जमानत से पूरे देश को एक साफ संदेश जाता है कि जब भी किसी आम नागरिक के अधिकारों का हनन सरकार के द्वारा किया जाता है, तब बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान उसकी रक्षा में जरूर आता है। मेरी रक्षा में भी आया।"

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा जब भी किसी सरकार द्वारा किसी आम नागरिक, यहां तक कि विपक्ष के भी अधिकारों का उल्लंघन किया जाएगा, तो बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान निश्चित रूप से उनकी रक्षा के लिए आगे आएगा, और वह मेरी रक्षा के लिए भी आगे आएगा।

मुझे पूरा भरोसा है कि केंद्र और कुछ राज्यों में ऐसी दमनकारी सरकारों के खिलाफ एक निर्णायक फैसला आएगा, क्योंकि लोगों के मन में उनके बारे में सवाल हैं। जब भी कोई उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, तो चुनाव आयोग को भी उसका जवाब देना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि असम सरकार ने मुझे फंसाने का प्रयास किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा नहीं होने दिया, हमें संविधान पर पूरा विश्वास है। संविधान सबकी रक्षा करता है, इसी तरह हमारी हुई है।

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