फलाहारी सैंडविच एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है।
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास के लिए विशेष महत्व रखता है।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं और फलाहारी भोजन का सेवन करते हैं। अगर आप इस बार पारंपरिक साबूदाना खिचड़ी या आलू से हटकर कुछ नया और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो फलाहारी सैंडविच एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है।
सबसे पहले कुट्टू या सिंघाड़े के आटे में दही, थोड़ा सेंधा नमक और आवश्यकता अनुसार पानी मिलाकर न ज्यादा गाढ़ा और न ज्यादा पतला बैटर तैयार करें। सैंडविच मेकर या नॉन-स्टिक तवे पर हल्का घी लगाकर बैटर फैलाएं और 1-2 मिनट तक सेंक लें। आपकी फलाहारी ब्रेड तैयार है।
एक बड़े बाउल में मैश किए हुए आलू, कद्दूकस किया हुआ पनीर, सेंधा नमक, काली मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें भुनी हुई मूंगफली का चूरा भी मिला सकते हैं।
तैयार ब्रेड के एक स्लाइस पर आलू-पनीर की स्टफिंग समान रूप से फैलाएं और दूसरा स्लाइस रख दें। दोनों तरफ हल्का घी लगाकर तवे या सैंडविच मेकर में धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें।
यदि चाहें तो ब्रेड बनाते समय ही बैटर की एक परत फैलाकर उसके ऊपर स्टफिंग रखें और फिर ऊपर से दोबारा बैटर डालकर सैंडविच तैयार कर सकते हैं।
गरमा-गरम फलाहारी सैंडविच को त्रिकोण आकार में काटकर दही, व्रत वाली हरी चटनी या ताजे फलों के साथ परोसें। ऊपर से हल्का भुना जीरा पाउडर या काली मिर्च छिड़कने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
यह आसान और झटपट बनने वाली फलाहारी सैंडविच रेसिपी सावन सोमवार के व्रत में स्वाद और पोषण दोनों का बेहतरीन संतुलन प्रदान करती है।

