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सीएम योगी ने पाती लिख प्रदेशवासियों को दीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

News Ganj 1 week ago

खनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हृदय से शुभकामनाएं देते हुए पाती लिखी। उन्होंने लिखा कि असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच सत्य और धर्म का प्रकाश प्रस्फुटित हुआ।

श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल आनंदित करने वाली कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनमें गहन आध्यात्मिक संदेश निहित हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि माखन चोरी में सहजता और निश्छलता का संदेश मिलता है। गोप-गोपियों के साथ श्रीकृष्ण की आत्मीयता प्रेम और समरसता का संदेश देती है, जबकि कालिय नाग के दमन में अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश निहित है।

उन्होंने लिखा कि श्रीकृष्ण का जीवन बताता है कि समाज की शक्ति सामूहिक सहकारिता में निहित है। गोवर्धन पर्वत धारण कर श्रीकृष्ण ने प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने सामूहिक एकजुटता की शक्ति का भी संदेश दिया।

मुख्यमंत्री योगी ने लिखा कि श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, बल्कि समरसता के प्रतीक हैं। वे समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़े रहे। द्वारकाधीश श्रीकृष्ण सुदामा के आत्मीय मित्र भी थे। सुदामा से उनकी मित्रता ने बताया कि सच्चे संबंध पद, प्रतिष्ठा और संपन्नता से नहीं, बल्कि आत्मीयता से बनते हैं।

उन्होंने लिखा कि समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की आवश्यकता है। योगेश्वर श्रीकृष्ण का जीवन लोककल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा देता है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए सरकार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश, प्रतिभासंपन्न निपुण युवाओं को काम और अन्नदाताओं को सहारा देने का प्रयास किया जा रहा है। बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने का अवसर देना लोककल्याण की भावना है।

उन्होंने लिखा कि गीता में श्रीकृष्ण ने कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। श्रीकृष्ण का कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का संदेश किसी एक युग तक सीमित नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी ने लिखा कि उत्तर प्रदेश की धरती श्रीकृष्ण की लीलाओं और संदेशों की पावन भूमि है। मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव सनातन सांस्कृतिक चेतना के जीवंत केंद्र हैं।

उन्होंने प्रदेशवासियों से जन्माष्टमी के अवसर पर विरासत के संरक्षण और सामाजिक समरसता का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने और श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म तथा लोकमंगल के संदेश को जीवन में उतारने का आह्वान किया।

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