हालांकि इसके कुछ नुकसान भी हैं लेकिन सेहत को ये ज्यादातर फायदे पहुंचाता है। ऐसा हम नहीं कह रहे। ये बात AIIMS के डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही का भी कहना है। ऐसे में चलिए उनके जानते हैं कि बासी रोटी खाने से क्या होता है।
डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही का कहना है कि बासी रोटी में रात भर में स्टार्च का स्वरूप बदल जाता है, जिसे मेडिकल भाषा में Resistant Starch कहा जाता है। यह स्टार्च धीरे पचता है और ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढ़ाता। आंतों के अच्छे बैक्टीरिया के लिए फायदेमंद होता है।
1. डायबिटीज़ के मरीजों के लिए बेहतर
बासी रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो जाता है, ऐसे में ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है।
2. पेट के लिए फायदेमंद
Resistant starch प्रीबायोटिक की तरह काम करता है। ये कब्ज और गैस की समस्या से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होता है।
3. वजन नियंत्रित रखने में सहायक
बासी रोटी खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
4. कोलेस्ट्रॉल पर सकारात्मक असर
बासी रोटी आंतों में फैट एब्ज़ॉर्प्शन को कुछ हद तक कम करता है।
1. फंगल इंफेक्शन का खतरा
अगर रोटी खुले में रखी हो, नमी लगी हो, उस पर सफेद, हरा या काला धब्बा दिखे तो उसमें फंगस (मोल्ड) पनप सकता है, जो लीवर और किडनी के लिए ज़हरीला साबित हो सकता है।
2. फूड पॉइजनिंग का खतरा
गलत स्टोरेज से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं जिससे पेट दर्द, उल्टी, दस्त हो सकते हैं।
3. सभी के लिए नहीं
इन लोगों को बासी रोटी से बचना चाहिए
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को।
गर्भवती महिलाओं को।
छोटे बच्चे को।
बुज़ुर्ग।
IBS या बार-बार पेट खराब रहने वाले लोग।
रोटी साफ सूती कपड़े में ढकी हो।
सूखी और ठंडी जगह पर रखी हो।
24 घंटे से ज्यादा पुरानी न हो।
खाने से पहले हल्का गर्म कर लें।
"बासी रोटी तभी दवा की तरह काम करती है, जब वह सुरक्षित तरीके से रखी गई हो। वरना वही बासी रोटी ज़हर भी बन सकती है।

