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हाए बेचारा दूल्हा. बाराती ने उड़ाई ऐसी अफवाह, फेरे लेते-लेते रुक गई दुल्हन, गुस्से में तोड़ दी शादी'

हाए बेचारा दूल्हा. बाराती ने उड़ाई ऐसी अफवाह, फेरे लेते-लेते रुक गई दुल्हन, गुस्से में तोड़ दी शादी'

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दूल्हे के घोड़ी चढ़ने के अरमानों पर उस समय पानी फिर गया, जब बारात पहुंचने के बाद एक बाराती द्वारा फैलाई गई 'तीसरी शादी' की अफवाह ने कोहराम मचा दिया.

यह अफवाह लड़की पक्ष के कानों तक पहुंचते ही उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. विवाद इतना बढ़ा कि वधु पक्ष ने शादी की रस्में बीच में ही रोक दीं और बारात को बिना दुल्हन के बैरंग वापस लौटा दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि दूल्हा-दुल्हन की आधिकारिक शादी पहले ही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत संपन्न हो चुकी थी.

पूरा मामला जिले के लालपुरा थाना क्षेत्र के पौथिया गांव का है. यहां के निवासी संतोष प्रजापति ने अपनी बेटी का विवाह मौदहा कस्बा निवासी दयाराम प्रजापति के बेटे अरविंद के साथ तय किया था. 18 मार्च को दोनों की शादी 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह' में सरकारी रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हो गई थी. हालांकि, लड़की के पिता की हसरत थी कि उनकी बेटी की बारात परंपरागत तरीके से उनके गांव आए और वे धूमधाम से अपनी लाडली को विदा करें. इसी इच्छा को पूरा करने के लिए दूल्हा अरविंद गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर पौथिया गांव पहुंचा था.

एक अफवाह और जनवासे में हड़कंप

बारात गांव पहुंची और जनवासे में ठहरी हुई थी. बाराती और घराती मिलकर चाय-नाश्ते का आनंद ले रहे थे. उधर दूल्हा-दुल्हन वरमाला के बाद 7 फेरे ले रहे थे. तभी हंसी-मजाक के बीच किसी बाराती ने अचानक यह अफवाह उड़ा दी कि दूल्हे अरविंद की यह तीसरी शादी है. यह खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते लड़की वालों के घर में हड़कंप मच गया. वधु पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और दूल्हे के चरित्र पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. दुल्हन फेरे लेते-लेते रुकी और शादी तोड़ दी.

पूर्व मंत्री की समझाइश भी रही बेअसर

विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. मौके पर मौजूद पूर्व मंत्री शिव चरण ने स्थिति को संभालने की कोशिश की. उन्होंने दोनों पक्षों को बिठाकर बातचीत के जरिए मामला सुलझाने का प्रयास किया और लड़की वालों को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन पाई. दुल्हन के परिजनों ने बारातियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उन्हें वहां से जाने को कह दिया. अंततः दूल्हा और उसके रिश्तेदारों को अपमानित होकर बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा.

दूल्हे के पिता का पलटवार

इस पूरे मामले पर दूल्हे के पिता दयाराम का पक्ष अलग है. उन्होंने लड़की वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे की केवल एक शादी पहले हुई थी, जिसका विधिवत तलाक हो चुका है. दयाराम के अनुसार, यह बात लड़की के परिजनों को पहले से पता थी, और इसी जानकारी के आधार पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में दोनों का विवाह कराया गया था.

दूल्हे के पिता ने आरोप लगाया कि जब वे गांव पहुंचे, तो 'द्वारचार' और 'ओली' की रस्म के दौरान अचानक लड़की पक्ष ने 1 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी. जब उन्होंने असमर्थता जताई, तो पैसे न देने पर उन पर 'तीसरी शादी' का झूठा आरोप मढ़ दिया गया. उन्होंने बहुत मिन्नतें कीं, लेकिन वधु पक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा और अंत में बिना विदाई के बारात वापस भेज दी गई. फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक छोटी सी अफवाह या लालच ने दो परिवारों के रिश्तों में दरार डाल दी.

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