इसके कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें उल्टियां दस्त शुरू हो गए इलाज के दौरान उनकी जान चली गई. प्रारंभिक जांच में इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि गलत फूड कॉम्बिनेशन खराब तरबूज इस तरह की गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है.
कैलाश अस्पताल के हेल्थ एक्सपर्ट गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. सरोज दुबे बताते हैं कि तरबूज में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है यह जल्दी पच जाता है. वहीं बिरयानी एक भारी भोजन है, जिसमें तेल, मसाले फैट ज्यादा होता है. इसे पचने में समय लगता है. जब दोनों को साथ खाया जाता है, तो पाचन प्रक्रिया गड़बड़ा सकती है. इससे गैस, पेट फूलना दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
हल्का जल्दी पचने वाला फल अगर भारी भोजन के साथ खाया जाए, तो पेट में फर्मेंटेशन की प्रक्रिया तेज हो सकती है. डॉक्टर का कहना है कि इससे गैस बनती है शरीर में टॉक्सिन पैदा हो सकते हैं, जो तबीयत बिगाड़ देते हैं.
आजकल बाजार में कई बार तरबूज को जल्दी पकाने या उसका रंग गहरा करने के लिए केमिकल इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे तरबूज दिखने में अच्छे लगते हैं, लेकिन सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं. इनमें मौजूद रसायन शरीर में जाकर जहर जैसा असर कर सकते हैं.
डॉक्टर के अनुसार, मुंबई की घटना में, पुलिस द्वारा जांच में तरबूज को ही फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण मान रही है. डॉक्टर के अनुसार, अक्सर तरबूज को लाल या मीठा करने के लिए उसमें रंग या रसायनों का इंजेक्शन लगाया जाता है. इसके अलावा, अगर तरबूज कटा हुआ हो उसे फ्रिज में न रखा गया हो, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनपते लगते हैं. यह तरबूज पेट में जाकर गंभीर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है, जिससे उल्टी, दस्त, चक्कर आना मौत हो सकती है.
- भारी भोजन के तुरंत बाद तरबूज न खाएं.
- दोनों के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर रखें.
- कटा हुआ तरबूज ज्यादा देर तक बाहर न रखें.
- फ्रिज में भी तरबूज को लंबे समय तक स्टोर न करें.
- हमेशा ताजा साफ फल ही खाएं.
- अगर खाने के बाद असहजता हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
बिरयानी तरबूज का कॉम्बिनेशन हर किसी के लिए खतरनाक नहीं होता, लेकिन गलत तरीके से खाया जाए तो यह जोखिम बढ़ा सकता है. सबसे बड़ा खतरा दूषित या खराब तरबूज से होता है. इसलिए सही समय, सही तरीका ताजगी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
Disclaimer: इस खबर को सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यज हिमाचली इसकी पुष्टि नहीं करता है.

