बीते कुछ समय में सोना और चांदी जिस हिसाब से महंगा हुआ है, ये इन्वेस्टमेंट फायदे का ही साबित हुआ है. चाहे कोई त्यौहार हो या किसी का जन्मदिन, लोग खास मौकों पर भी गहने खरीद कर सेलिब्रेट करते हैं.
जब कभी आप सुनार के पास से गहने खरीदते हैं, खासकर सोने या चांदी के, तो क्या आपने नोटिस किया है कि इसे गुलाबी रंग के कागज़ में लपेट कर दिया जाता है. लोग अक्सर इसे देखते हैं और इग्नोर कर देते हैं. कोई इसके पीछे का कारण जानने की कोशिश नहीं करता. आज हम आपको बताने जा रहे हैं इसके पीछे का असली लॉजिक. आखिर क्यों देश का हर सुनार आपको गुलाबी कागज में ही गहने लपेट कर देता है, काले या सफ़ेद कागज़ में क्यों नहीं?
इसके पीछे एक कारण नहीं है. हालांकि, इसमें से कोई भी साइंटिफिक नहीं है लेकिन लॉजिकल जरूर है:
1. बढ़ाता है चमक
बताया जाता है कि गुलाबी रंग के साथ सोने और चांदी का रंग कंट्रास्ट होता है. इससे ये गहने जब कागज से निकाले जाते हैं तो और भी ज्यादा चमकदार नजर आते हैं. वहीं अगर इन्हें सफ़ेद या दूसरे रंग के कागज में लपेटा जाता है तो इसकी चमक फीकी पड़ जाती है. ऐसे में गहनों को और भी ज्यादा शाइनी दिखाने के लिए सुनार इसे गुलाबी रंग के कागज़ में लपेट कर देता है.
2. करता है सुरक्षा
जिस तरह के कागज में गहने को लपेटा जाता है वो नमी को सोखने के लिए जाना जाता है. ऐसे में गहनों तक हवा नहीं जाती और इसकी चमक बरकरार रहती है.
3. धार्मिक मान्यता
इस रंग का इस्तेमाल करने के पीछे धार्मिक मान्यता भी है. दरअसल, हिंदू धर्म के मुताबिक, सोना माता लक्ष्मी का प्रतीक है. और गुलाबी रंग मां लक्ष्मी का पसंदीदा है. इस वजह से सोने को हमेशा गुलाबी रंग के कागज में लपेटकर सुनार देता है.
4. करता है आकर्षित
मनोवैज्ञानिक कारण को देखें तो गुलाबी रंग ग्राहकों को आकर्षित करता है. ऐसा माना जाता है कि गुलाबी रंग के कागज में वो अपने गहने को सुरक्षित मानते हैं. उनके दिमाग में ये सिग्नल जाता है कि उनका गहना ठीक से पैक किया गया है. ऐसे में वो संतुष्टि का अनुभव करते हैं.

