भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर अब क्रिकेट में वापसी करने के लिए तैयार हैं. लेकिन इससे पहले उन्होंने अपने ट्रांजिशन के बाद खेल में आए शारीरिक बदलावों को लेकर खुलकर बात की है.
इन दिनों वह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में खुद को साबित करने की तैयारी कर रही हैं. अनाया WBBL में सिलेक्शन की उम्मीद लगाए बैठी हैं. लेकिन हर किसी के जेहन में सवाल होगा कि क्या वह मेंस वाली पॉवर के साथ विमेंस क्रिकेट में दस्तक देंगी. ये कन्फ्यूजन उन्होंने बयान में साफ कर दिया है.
उन्होंने एनआई से बातचीत में कहा, "सच कहूं तो, मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में महिलाओं के खेल का स्तर बहुत ऊंचा है. मैं ट्रेनिंग करने और अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हूं और देखना चाहती हूं, कि मेरे लिए यह कैसा रहता है, क्योंकि अब मेरा शरीर पहले जैसा नहीं रहा. मैं बस अपना बेस्ट देने की कोशिश करूंगी और देखूंगी कि क्या होता है. उम्मीद है कि मेरा सिलेक्शन WBBL में भी हो जाएगा."
उन्होंने अपने शरीर के बारे में बताते हुए कहा, "मेरे पास मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से अपनी बात के समर्थन में साइंटिफिक सबूत पहले से ही मौजूद हैं. इसके अलावा, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की गाइडलाइंस महिलाओं के खेल में सबको शामिल करने, निष्पक्षता और सम्मान को बनाए रखती हैं. साथ ही टेस्टोस्टेरोन लेवल से जुड़ी सही पॉलिसी भी लागू करती हैं.
अनाया के फैक्ट पर बात करते हुए कहा, "लोग यह नहीं समझते कि कुछ समय तक टेस्टोस्टेरोन को दबाने के बाद शरीर में कितना बदलाव आता है. इससे समय के साथ मसल्स कम हो सकती हैं, हड्डियों की डेंसिटी घट सकती है और एथलेटिक क्षमता भी कम हो सकती है. मैं यह बात सिर्फ़ अपनी राय के तौर पर नहीं कह रही हूँ। कई स्टडीज़ में भी यह बात सामने आई है."

